रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने दो अलग-अलग रेस्क्यू अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर पांच लोगों की जान बचाई। एक ओर रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के समीप 30 मीटर गहरी खाई में गिरे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ पैदल मार्ग पर शॉर्टकट अपनाकर रास्ता भटक गए चार युवकों को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया गया।
30 मीटर गहरी खाई में गिरा व्यक्ति, SDRF ने बचाई जान
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह डीसीआर रुद्रप्रयाग से SDRF को सूचना मिली कि रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही पोस्ट रतुड़ा से अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि व्यक्ति लगभग 30 मीटर नीचे दुर्गम खाई में घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। खड़ी ढलान और कठिन भूभाग के बावजूद SDRF जवानों ने विशेष तकनीकों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से खाई में उतरकर घायल तक पहुंच बनाई। इसके बाद उसे स्ट्रेचर के माध्यम से सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
रेस्क्यू के बाद घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया और आगे के उपचार के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। जिला पुलिस ने सरकारी वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। घायल की पहचान सुखदेव सिंह भंडारी पुत्र अवतार सिंह भंडारी, निवासी पाबौ, जनपद पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई है।
शॉर्टकट पड़ा भारी, केदारनाथ मार्ग पर भटके चार युवक
वहीं, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शॉर्टकट लेने की गलती चार युवकों के लिए भारी पड़ सकती थी। बीती रात करीब 10:35 बजे कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से SDRF पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि चार युवक मुख्य ट्रैक छोड़कर शॉर्टकट के रास्ते निकल गए हैं और रास्ता भटककर नदी के दूसरे किनारे सुनसान क्षेत्र में फंस गए हैं।
सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल भारत सिंह और हेड कांस्टेबल मोहन सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई। टीम ने मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क स्थापित कर उनकी संभावित लोकेशन ट्रेस की और उन्हें लगातार हौसला देते हुए सुरक्षित रहने के निर्देश दिए।
घने अंधेरे, सघन झाड़ियों, खतरनाक ढलानों और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच SDRF जवानों ने कई घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार टीम ने चारों युवकों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया।
रात्रि अधिक होने और आगे का सफर जोखिमपूर्ण होने के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षा के मद्देनजर लिनचोली में ही रात्रि विश्राम कराया गया। राहत की बात यह रही कि चारों युवक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई।
रेस्क्यू किए गए यात्रियों में साहिल कुमार (20 वर्ष), सुजीत कुमार (18 वर्ष), हिमांशु (24 वर्ष) निवासी वैशाली, बिहार तथा रूपेश (17 वर्ष) निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
SDRF की अपील: शॉर्टकट से बचें, निर्धारित मार्ग का ही करें उपयोग
SDRF इंचार्ज आशीष डिमरी ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या अनधिकृत रास्तों का प्रयोग न करें। केवल निर्धारित पैदल मार्ग का ही उपयोग करें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने यात्रियों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
SDRF के इन दोनों सफल रेस्क्यू अभियानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विषम परिस्थितियों में भी जवानों की तत्परता, साहस और तकनीकी दक्षता लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।







