देहरादून: राजधानी देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र में अधिवक्ता सोहेल हारुन की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा शव को देहरादून-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर रखकर किए गए प्रदर्शन और जाम के मामले में पुलिस ने 12 नामजद तथा 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गौरतलब है कि बीते रविवार को भुड्डी गांव निवासी अधिवक्ता सोहेल हारुन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के महज 10 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। जांच में सामने आया कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि सोहेल हारुन के छोटे भाई शाहिद ने की थी।
रुपयों के विवाद में भाई बना भाई का हत्यारा
पुलिस जांच के अनुसार दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते शाहिद ने अपने बड़े भाई सोहेल हारुन की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि की गहन जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
शाहिद के घर से मिलीं दो और अवैध पिस्टल
पुलिस ने आरोपी शाहिद के घर की तलाशी के दौरान गेहूं के ड्रम में छिपाकर रखी गई दो अवैध पिस्टल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार शाहिद को अवैध हथियार रखने का शौक था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने अपने पिता के एटीएम कार्ड से निकाले गए पैसों से इन हथियारों को खरीदा था।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि पुलिस को पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मिले हैं, जिनसे शाहिद ने अवैध हथियार खरीदे थे। उनकी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
महंगी गाड़ियों और नशे का शौकीन था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शाहिद महंगी गाड़ियों में घूमने का शौकीन था और नशे का आदी भी था। उसने एक लग्जरी कार करीब 15 से 20 दिनों तक किराए पर ले रखी थी, जिसके लिए वह प्रतिदिन 5 से 6 हजार रुपये तक खर्च करता था।
पुलिस का कहना है कि मृतक सोहेल हारुन के पास भी एक अवैध पिस्टल थी। इसी पिस्टल का इस्तेमाल कर शाहिद ने अपने बड़े भाई की हत्या की थी।
ग्रामीणों ने शव रखकर किया था हाईवे जाम
पुलिस के अनुसार 14 जून की रात करीब 10:57 बजे सूचना मिली थी कि भुड्डी गांव में रहने वाले सोहेल हारुन को उनके घर में घुसकर गोली मार दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि सोहेल की मौत हो चुकी थी।
जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी कर रही थी, तभी परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने सोहेल का शव देहरादून-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कार्रवाई शुरू की।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि इस मामले में अरशद, वसीम, नौशाद, सैय्याद, समीर, अनवर अली, अजब, सरफराज, फुरकान, आरिफ, मोइन और अरशद को नामजद किया गया है। इसके अलावा 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
हत्याकांड के साथ हाईवे जाम का मामला भी जांच के दायरे में
सोहेल हारुन हत्याकांड के खुलासे के बाद अब पुलिस एक ओर अवैध हथियारों की सप्लाई चेन की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर हाईवे जाम कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







