चंपावत: जिले के बनबसा क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। चंपावत एसओजी में तैनात एक जवान की जिम में व्यायाम करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
जिम में अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार एसओजी चंपावत में तैनात गिरीश भट्ट (38 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय जयदेव भट्ट, निवासी भजनपुर बनबसा, बीते सायं बनबसा स्थित एक जिम में नियमित व्यायाम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। जिम में मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए खटीमा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने गिरीश भट्ट की जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्हें व्यायाम के दौरान हार्ट अटैक आया था। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गिरीश भट्ट की असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और परिवार में दो बेटे हैं। गिरीश भट्ट मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के निवासी थे, लेकिन लंबे समय से बनबसा में रह रहे थे। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
पुलिस विभाग ने खोया एक कर्मठ जवान
मृतक गिरीश भट्ट एसओजी चंपावत के तेज-तर्रार और कर्मठ जवानों में गिने जाते थे। पुलिस के कई महत्वपूर्ण अभियानों और ऑपरेशनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। उनके निधन से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
गिरीश भट्ट का अंतिम संस्कार बनबसा के शारदा घाट श्मशान में पूरे राजकीय सम्मान और नम आंखों के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में पुलिस अधिकारियों, जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने हिस्सा लिया।
शोक में डूबा पुलिस महकमा
एसपी चंपावत रेखा यादव सहित जिले के पुलिस अधिकारियों, एसओजी जवानों, व्यापार मंडल बनबसा और विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने गिरीश भट्ट के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
गिरीश भट्ट की आकस्मिक मृत्यु ने एक बार फिर कम उम्र में बढ़ रहे हृदय संबंधी मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उनके निधन से परिवार, मित्रों और पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।







