हल्द्वानी: कालाढूंगी स्थित अटल आदर्श विद्यालय में छात्रों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायत के बाद विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे रोड हंटर्स फाउंडेशन के सदस्यों ने स्कूल परिसर में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया है। फाउंडेशन का दावा है कि विद्यालय की पानी की टंकी में गंदगी मिली, जबकि छात्रों के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। निरीक्षण के दौरान फाउंडेशन की टीम और स्कूल प्रबंधन के बीच तीखी बहस होने की बात भी सामने आई है।
शिकायत के बाद पहुंची थी फाउंडेशन की टीम
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले छात्रों और अभिभावकों की ओर से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर रोड हंटर्स फाउंडेशन के सदस्य अटल आदर्श विद्यालय पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
फाउंडेशन का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में रखी पानी की टंकी की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। उनका कहना है कि टंकी में गंदगी दिखाई दी, जिससे छात्रों को मिलने वाले पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं।
शौचालय सुविधा को लेकर भी उठाए सवाल
फाउंडेशन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में छात्रों के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि इस वजह से बच्चों को दैनिक गतिविधियों के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
फाउंडेशन का दावा है कि इन मुद्दों को लेकर उन्होंने विद्यालय प्रशासन से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन मामला विवाद में बदल गया।
प्रधानाचार्य पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
रोड हंटर्स फाउंडेशन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य ने टीम से उनकी पहचान संबंधी दस्तावेज और आईडी कार्ड दिखाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई।
फाउंडेशन के सदस्यों का आरोप है कि बहस के दौरान प्रधानाचार्य ने उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें आतंकवादी तक कह दिया। हालांकि इस संबंध में विद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फाउंडेशन ने क्या कहा?
रोड हंटर्स फाउंडेशन के संचालक करन अरोड़ा ने कहा कि उनकी टीम छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर विद्यालय पहुंची थी। उनका उद्देश्य केवल स्कूल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना और समस्याओं को सामने लाना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पानी की टंकी का उपयोग छात्र करते हैं, उसमें गंदगी पाई गई। साथ ही विद्यालय में शौचालय सुविधाओं को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि जब इन मुद्दों पर प्रधानाचार्य से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने नाराजगी जताई और कथित तौर पर टीम के सदस्यों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
करन अरोड़ा ने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी संस्था का अभियान आगे भी जारी रहेगा और छात्रों की समस्याओं को लगातार उठाया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा?
वहीं, पूरे मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह ने कहा कि इस प्रकार की कोई शिकायत अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच और समाधान की मांग
घटना के बाद अब विद्यालय की व्यवस्थाओं और छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।






