पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पोखड़ा और आसपास के क्षेत्रों में नरभक्षी गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन 10 विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी पोखड़ा और बीरोंखाल मनोज कुमार जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार न्याय पंचायत कोलाखाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाटल्यूं, मयलगांव, पटोटी और जनता इंटर कॉलेज कुण्जखाल में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय 4 अप्रैल (शनिवार), 5 अप्रैल (रविवार) और 6 अप्रैल (सोमवार) तक बंद रहेंगे।
इसी तरह विकासखंड बीरोंखाल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिमली, कण्डूली बड़ी, ढिस्वाणी, भरपूर बड़ा और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तिमली व कण्डूली बड़ी में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए भी तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और सभी स्कूलों को आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
वन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। डीएफओ महातिम यादव के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में 10 कैमरा ट्रैप, 2 सोलर सीसीटीवी कैमरे और 2 पिंजरे लगाए गए हैं, ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा वन्यजीव की पहचान के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
लगातार निगरानी के लिए 15-15 सदस्यीय दो विशेष टीमें गठित कर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने या जरूरत पड़ने पर ट्रेंकुलाइज करने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है।
लोगों में दहशत का माहौल:
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में गुलदार पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खासकर शाम के समय सतर्क रहें, अकेले बाहर न निकलें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों के बढ़ते खतरे और मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है।







