हरिद्वार: कांवड़ यात्रा के आखिरी दिन सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय नजर आ रही है। गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने-अपने गंतव्यों की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। सुबह से ही हरिद्वार के सभी प्रमुख मार्गों, कांवड़ पटरियों और आंतरिक सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक भगवा रंग की छटा बिखरी हुई है।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे से बारिश शुरू हुई, लेकिन बारिश के बावजूद कांवड़ियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। हजारों श्रद्धालु भीगते हुए भी “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की रवानगी लगातार जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोपहिया वाहनों से भी अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। हरिद्वार-नजीबाबाद, हरिद्वार-दिल्ली और अन्य प्रमुख मार्गों पर कांवड़ वाहनों की लंबी कतारें बनी हुई हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात हैं और यातायात को सुचारू रखने के लिए लगातार ड्यूटी कर रहे हैं।
आज सावन का दूसरा सोमवार होने के कारण हरिद्वार के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हरकी पैड़ी, कनखल स्थित दक्ष मंदिर, बिलकेश्वर महादेव मंदिर और अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
बारिश और भीड़ के बीच हरिद्वार का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। जगह-जगह डीजे, भक्ति गीत और शिवभक्ति के जयकारे गूंज रहे हैं। गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए बिना रुके अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कांवड़ मेला शुरू होने से अब तक 3 करोड़ 80 लाख 18 हजार से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों को रवाना हो चुके हैं। पिछले वर्ष हरिद्वार में करीब चार करोड़ कांवड़िए पहुंचे थे, जबकि इस बार प्रशासन को यह आंकड़ा पांच करोड़ तक पहुंचने की संभावना दिखाई दे रही है।
इसी संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। वे लगातार विभिन्न मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश दो घंटे से अधिक समय तक जारी रही, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में कांवड़िए हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना होते रहे। वहीं दोपहिया वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना भी लगातार जारी है।
कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हरिद्वार में आस्था, उत्साह और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। बारिश, भीड़ और लंबी यात्रा के बावजूद शिवभक्तों के कदम नहीं थम रहे हैं और पूरा शहर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा है।







