देहरादून: राजधानी देहरादून के कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं के बीच विवाद का मामला सामने आया है। पुलिस पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार देर रात पटेलनगर थाने पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इस बीच घटनाक्रम से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है और एबीवीपी कार्यकर्ता छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए सक्रिय हैं। संगठन के मुताबिक शुक्रवार शाम कुछ कार्यकर्ता सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान क्षेत्र में पुलिस द्वारा वाहनों की चेकिंग और चालान की कार्रवाई की जा रही थी।
चालान को लेकर शुरू हुआ विवाद
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने वहां खड़ी कुछ बाइकों का चालान कर दिया। जब एक कार्यकर्ता ने चालान किए जाने का कारण पूछा तो उसकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। संगठन का दावा है कि विवाद बढ़ने पर पुलिसकर्मियों ने संबंधित कार्यकर्ता के साथ मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
एबीवीपी नेताओं का यह भी आरोप है कि विवाद के बाद कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहन में बैठाकर पटेलनगर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंच गए।
थाने में जमकर नारेबाजी
पटेलनगर थाना परिसर में देर रात तक एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि किसी छात्र या कार्यकर्ता से कोई गलती हुई थी तो पुलिस को कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन कथित मारपीट और अभद्रता किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि पुलिस ने पूरे मामले में एकतरफा रवैया अपनाया है और छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से वार्ता की। बातचीत के दौरान पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया गया।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनाक्रम में शामिल दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन और कार्रवाई के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। वहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन कर सकता है।
घटना के बाद राजधानी में पुलिस और छात्र संगठन के बीच हुए इस विवाद की चर्चा राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच भी तेज हो गई है। अब सभी की नजर विभागीय जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।







