मसूरी: पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच मसूरी मॉल रोड पर शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारी बारिश के दौरान एक सूखा और जर्जर पेड़ अचानक टूटकर होटल की छत पर जा गिरा। पेड़ पहले मॉल रोड की एंटीक रेलिंग से टकराया और फिर सीधे होटल की छत पर आ गिरा। घटना से होटल की छत को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि नीचे खड़ी एक कार समेत अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।
राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब मॉल रोड पर लोगों की आवाजाही काफी कम थी। यदि यह घटना दिन के समय होती तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था।
फायर सर्विस और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस और मसूरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर सर्विस के जवानों ने कटर मशीन की सहायता से पेड़ को काटकर सड़क किनारे हटाया, जिसके बाद यातायात को सुचारु किया जा सका। कुछ समय के लिए मॉल रोड पर आवागमन प्रभावित रहा।
होटल में ठहरे थे पर्यटक
होटल स्वामी अजय भार्गव ने बताया कि हादसे के समय होटल में कई पर्यटक ठहरे हुए थे। सौभाग्य से किसी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन होटल की छत और परिसर में खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की कि मॉल रोड सहित मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद सूखे और जर्जर पेड़ों का सर्वे कर उन्हें जल्द हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जर्जर पेड़ों को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉल रोड पर कई पेड़ों की जड़ें सूख चुकी हैं और वे कभी भी गिर सकते हैं। उन्होंने बताया कि खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए नगर पालिका और वन विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि ऐसे पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अब तक अनुमति प्राप्त नहीं हो सकी है। हालांकि हाल ही में मॉल रोड पर पेड़ों की लॉपिंग कराई गई थी।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि मसूरी जैसे व्यस्त पर्यटन स्थल पर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि संभावित खतरे को देखते हुए जर्जर पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाना चाहिए।
पानी वाले बैंड पर फिर धंसी सड़क, भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
उधर, लगातार बारिश के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित संवेदनशील पानी वाला बैंड क्षेत्र में एक बार फिर भूस्खलन हुआ। शनिवार को पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने और सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से कुछ समय के लिए मसूरी-देहरादून मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और सड़क को एक तरफ से यातायात के लिए खोल दिया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
अल्मोड़ा में सड़क पर गिरा भारी साइन बोर्ड, डेढ़ घंटे बाधित रहा यातायात
वहीं अल्मोड़ा-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर पाण्डेखोला के पास शनिवार शाम एक बड़ा ओवरहेड गैन्ट्री साइन बोर्ड अचानक सड़क पर गिर गया। भारी-भरकम साइन बोर्ड के सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे लगाए गए बड़े साइन बोर्ड और अन्य भारी ढांचों की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
लगातार बारिश के बीच उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रही ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। वहीं लोगों की मांग है कि संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते स्थायी और प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाएं।







