देहरादून: राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट और हथियार लहराने तक पहुंच गया। हॉस्टल के पास सड़क पर हुए इस घटनाक्रम में एक पक्ष ने डंडे से हमला किया, जबकि दूसरे पक्ष पर लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप है। मामले में प्रेमनगर पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक डंडा और फॉर्च्यूनर कार भी बरामद की है।
कंट्रोल रूम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार 21 अगस्त की रात कंट्रोल रूम को प्रेमनगर क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल के पास कुछ लोगों के बीच मारपीट और हंगामे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
फुटेज में सड़क पर एक बस और फॉर्च्यूनर कार खड़ी दिखाई दी। दोनों वाहनों के पास दो व्यक्ति आपस में झगड़ते नजर आए। एक व्यक्ति के हाथ में डंडा था, जबकि दूसरे के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति की पहचान झाझरा निवासी गौरव के रूप में की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
हाई बीम लाइट को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूछताछ में गौरव ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है और घटना वाली रात मांडूवाला स्थित अपने घर लौट रहा था। आरोप है कि हॉस्टल के पास एक फॉर्च्यूनर कार सड़क पर हाई बीम लाइट जलाकर खड़ी थी। कई बार हॉर्न बजाने के बावजूद वाहन नहीं हटाया गया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
डंडे से हमला, फिर पिस्टल दिखाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक विवाद बढ़ने पर गौरव ने बस से डंडा निकालकर फॉर्च्यूनर चालक पर हमला कर दिया। इसी दौरान फॉर्च्यूनर चालक का एक साथी भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि इसके बाद दोनों व्यक्तियों ने लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर गौरव को धमकाया और उसके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की।
गौरव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर सवार दोनों व्यक्तियों की पहचान नीरज राजपूत और मनीष नेगी के रूप में की। जांच के दौरान पता चला कि दोनों एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर से दोनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
पिस्टल और कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नीरज राजपूत के नाम पर जारी लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इसी पिस्टल का इस्तेमाल घटना के दौरान बस चालक को धमकाने के लिए किया गया था।
इसके अलावा घटनास्थल से एक डंडा और फॉर्च्यूनर वाहन भी बरामद किया गया है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
थाना प्रेमनगर प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि पुलिस ने गौरव, नीरज राजपूत और मनीष नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट, हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने, घातक हथियार का प्रदर्शन करने और लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
सार्वजनिक स्थानों पर गुंडई बर्दाश्त नहीं
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था भंग करने, हथियारों का प्रदर्शन करने और लोगों को धमकाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर होने वाले छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से संयम बरतने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की है।







