पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पौड़ी गढ़वाल जिले के बीरोंखाल ब्लॉक से डराने वाली तस्वीर सामने आई है। मैठाणाघाट-ग्वीन-रसियादेव मोटरमार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन ने सड़क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने के कारण मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
भूस्खलन का भयावह वीडियो आया सामने
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ी से लगातार बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा सड़क पर गिरता दिखाई दे रहा है। वीडियो में भूस्खलन की भयावहता साफ देखी जा सकती है। अचानक हुए इस भूस्खलन से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
राहत की बात यह रही कि जिस समय पहाड़ का मलबा सड़क पर गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उस समय कोई वाहन या राहगीर मार्ग पर मौजूद होता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी।
कई गांवों की आवाजाही प्रभावित
बीरोंखाल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश कंडारी ने बताया कि मैठाणाघाट-ग्वीन-रसियादेव मोटरमार्ग से क्षेत्र के कई गांव जुड़े हुए हैं। इस मार्ग पर निर्भर करीब 500 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, लेकिन उस रास्ते से यात्रा करने पर लोगों को करीब 4 से 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों, बाजार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लगातार बारिश से बढ़ी चुनौती
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। ऐसे में सड़क खोलने का कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और मौसम में सुधार का इंतजार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते पहाड़ियां कमजोर पड़ गई हैं और भूस्खलन की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम साफ होते ही शुरू होगा राहत कार्य
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) बैजरों के अधिशासी अभियंता पान सिंह बिष्ट ने बताया कि भारी बारिश के कारण लगातार मलबा सड़क पर आ रहा है। ऐसे में तत्काल मशीनरी लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मौसम साफ होते ही जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मार्ग को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भूस्खलन बढ़ा रहा चिंता
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ भी लगातार बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि मौसम साफ होते ही मार्ग को जल्द यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।







