चमोली: जिले के नंदानगर क्षेत्र में गुरुवार को अचानक हुए भूस्खलन से अफरा-तफरी मच गई। सितेल-सुतोल टैक्सी स्टैंड के पास पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर टूट गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर नीचे आ गिरे। भूस्खलन की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही क्षणों में पहाड़ी से तेज आवाज के साथ मलबा और चट्टानें गिरने लगीं। अचानक हुए भूस्खलन से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं।
अचानक टूटा पहाड़, वाहनों को पहुंचा नुकसान
नंदानगर के एसआई मनोज भट्ट ने बताया कि सितेल और सुतोल टैक्सी स्टैंड के पास अचानक पहाड़ी का हिस्सा टूटने से भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से गिरे मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
“पहाड़ी से अभी भी लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में आना-जाना जोखिम में डालने के बराबर हो सकता है।”
– मनोज भट्ट, एसआई
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों और यात्रियों से टैक्सी स्टैंड के आसपास अनावश्यक आवाजाही न करने की अपील की है।
लगातार गिर रहा मलबा, बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूस्खलन के बाद भी पहाड़ी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है और लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, उसके ठीक नीचे सड़क से वाहनों की आवाजाही भी होती रहती है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
बारिश में दरकते पहाड़ बन रहे मुसीबत
चमोली जिले में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें और संपर्क मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने की स्थिति में ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता है।
पहाड़ों में सड़क और संपर्क मार्ग ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इनके बाधित होने से न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि आवश्यक सेवाओं और आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
नंदानगर में टैक्सी स्टैंड के पास हुए इस ताजा भूस्खलन ने एक बार फिर संवेदनशील पहाड़ियों की निगरानी और सड़क किनारे सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर समय रहते सुरक्षा कार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।







