थराली: चमोली जिले के नारायणबगड़-परखाल-डुंग्री मोटर मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क से मलबा और बोल्डर हटाने के दौरान पहाड़ी से अचानक भारी बोल्डर गिर गया, जिसकी चपेट में मशीन ऑपरेटर आ गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल मशीन ऑपरेटर की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मलबा हटाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार वन पंचायत सीरी क्षेत्र में सोमवार को सड़क पर आए मलबे, पत्थरों और बोल्डरों को हटाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और एक विशाल बोल्डर नीचे आ गिरा। बोल्डर की चपेट में आने से मशीन ऑपरेटर सोमपाल (27 वर्ष) पुत्र धनबहादुर निवासी विकासनगर, देहरादून गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण तत्काल उसकी सहायता के लिए पहुंचे और उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में शोक की लहर
युवा मशीन ऑपरेटर की असमय मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्राम पंचायत सीरी के प्रधान भगवती प्रसाद सती ने घटना पर दुख जताते हुए क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वन पंचायत सीरी क्षेत्र में लंबे समय से पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सड़क से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक और राहगीर भी लगातार खतरे के साये में सफर करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के स्थायी उपचार की मांग
प्रधान भगवती प्रसाद सती ने प्रशासन से मांग की कि भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी का स्थायी उपचार कराया जाए। उन्होंने सुरक्षा दीवारों के निर्माण, बोल्डर रोकने के लिए सुरक्षात्मक जाल लगाने और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में गांव तक एंबुलेंस पहुंचाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे हादसों के दौरान राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होते हैं।
आंदोलन की चेतावनी
प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित विभागों ने जल्द ही स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए तो क्षेत्र की जनता को चमोली जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि केवल सड़क से मलबा हटाना समस्या का समाधान नहीं है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और बोल्डरों की समस्या का स्थायी समाधान करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
बारिश के बीच बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण चमोली जिले के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों पर मलबा आने और बोल्डर गिरने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नारायणबगड़-परखाल-डुंग्री मोटर मार्ग पर हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।







