टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और उफनाए गदेरों के कारण लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। टिहरी गढ़वाल जिले में चंबा-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) पर भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है, जबकि कई अन्य मोटर मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित हुई है।
मटियाली नगुण के पास बंद हुआ NH-34
जानकारी के अनुसार, टिहरी गढ़वाल के मटियाली नगुण क्षेत्र (चिन्यालीसौड़ से पहले) में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण चंबा-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-34 बंद हो गया। भूस्खलन के चलते दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई है। संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को सुचारू करने में जुटी हैं।
कई अन्य मार्ग भी हुए प्रभावित
लगातार बारिश के कारण स्टेट हाईवे-77 गुजराडा–रानीपोखरी मार्ग भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है। यहां सड़क पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है और विभाग मार्ग खोलने के प्रयास में जुटा है।
वहीं स्टेट हाईवे-31 देवप्रयाग–गजा–जाजल मोटर मार्ग पर भी खतरा बना हुआ है। आमपाटा के पास भूस्खलन के कारण मार्ग कुछ समय के लिए बंद हो गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया। हालांकि मार्ग के कई हिस्सों में अब भी लगातार मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
उफान पर चानी गदेरा, जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
जिले के चमियाला-बूढ़ाकेदार मार्ग पर स्थित चानी गदेरा भी लगातार बारिश के कारण उफान पर है। तेज बहाव के चलते इस मार्ग से गुजरना बेहद जोखिमभरा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गदेरे पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण हर बरसात में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई ग्रामीण और राहगीर जान हथेली पर रखकर गदेरा पार करने को मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान गदेरा पार करने का प्रयास न करें।
ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन अलर्ट
टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जिले में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले दो दिनों से लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है, जिससे कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
“आज जिले में ऑरेंज अलर्ट है। पिछले दो दिनों से कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बाधित हो रहा है, जिसे खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगातार काम कर रही हैं। इसके अलावा पीएमजीएसवाई की चार सड़कें भी बाधित हैं, जिनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मार्गों को पूरी तरह सुचारू करने में समय लगेगा।”
— नितिका खंडेलवाल, जिलाधिकारी टिहरी
रामनगर में उफनाए नाले में बहने लगा थ्री-व्हीलर
लगातार बारिश का असर नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में भी देखने को मिला। टेड़ा गांव का बरसाती नाला अचानक उफान पर आ गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई। नाले के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग पानी का बहाव कम होने का इंतजार करते रहे।
इसी दौरान टेड़ा गांव की ओर सामान और एक सवारी लेकर जा रहा एक थ्री-व्हीलर तेज बहाव के बीच नाला पार करने लगा। जैसे ही वाहन बीच धारा में पहुंचा, पानी के दबाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह बहने लगा।
स्थिति को भांपते हुए वाहन में बैठा यात्री तुरंत बाहर कूद गया और अपनी जान बचाने में सफल रहा। वहीं चालक भी तेज बहाव में फंस गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उसका रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
प्रदेशभर में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है।







