उत्तरकाशी: जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच उडरी गांव में भारी भूस्खलन की घटना सामने आई है। पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर खिसककर गांव की ओर आ गए, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मलबा कई घरों में घुस गया और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। भूस्खलन की इस घटना में पांच घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों के बाहर निकल जाने से कोई जनहानि नहीं हुई।
अचानक पहाड़ी से आने लगा मलबा
ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने शुरू हो गए। शुरुआत में लोगों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं था, लेकिन कुछ ही देर में मलबा तेजी से घरों की ओर बढ़ने लगा। खतरे को भांपते हुए ग्रामीण अपने परिवारों के साथ घरों से बाहर निकल गए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
देखते ही देखते मलबा कई मकानों तक पहुंच गया, जिससे घरों को नुकसान पहुंचा। कई घरों में मलबा भर जाने से घरेलू सामान और अन्य संपत्ति को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
गांव में दहशत, घर छोड़ने को मजबूर लोग
भूस्खलन के बाद गांव में लंबे समय तक दहशत का माहौल बना रहा। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने की आशंका के चलते कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश अभी भी जारी है और दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भूस्खलन के बाद ग्रामीण खुद ही अपने घरों की छतों और आसपास जमा मलबे को हटाने में जुट गए। संसाधनों और मशीनों के अभाव में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से की राहत और सुरक्षा की मांग
उडरी गांव निवासी नरेश रावत ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ऊपर स्थित पहाड़ी क्षेत्र लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गया है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।
लगातार बना हुआ है खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, उडरी गांव के आसपास का इलाका पहले से ही भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। लगातार बारिश के चलते जमीन धंसने और पहाड़ी से दोबारा मलबा आने की आशंका बनी हुई है। यही वजह है कि प्रभावित परिवारों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल है।
फिलहाल गांव के लोग प्रशासन की टीम के मौके पर पहुंचने और नुकसान का आकलन किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों ने जल्द राहत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
समय रहते बच गई कई जिंदगियां
इस प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे राहत भरी बात यह रही कि भूस्खलन की चपेट में आने से कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। ग्रामीणों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। यदि थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग लगातार बारिश के बीच अगले खतरे की आशंका से चिंतित हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्यों पर टिकी हुई हैं।







