देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था में कथित तौर पर सेंध लगाने के मामले में कैंट कोतवाली पुलिस ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत छह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री आवास के हाई सिक्योरिटी जोन तक पहुंचकर प्रदर्शन किया।
आयुर्वेदिक छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे कांग्रेस नेता
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्र परीक्षा आयोजित कराने और परिणाम जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में बुधवार देर रात कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश सचिव सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल शामिल थे।
बैरिकेडिंग पार कर मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने का आरोप
पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा को देखते हुए हाथीबड़कला, एनेक्सी बैरियर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी तीन वाहनों में सवार होकर सुरक्षा घेरा पार करते हुए मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर-2 तक पहुंच गए।
आरोप है कि पुलिस द्वारा रोके जाने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार की और मुख्यमंत्री आवास के बाहर देर रात तक नारेबाजी तथा प्रदर्शन किया।
पुलिसकर्मियों की जान को भी खतरा होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक एक वाहन चालक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास से जबरन वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास के बाहर से हटाया।
इन नेताओं के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
कैंट कोतवाली के एसएसआई रवींद्र सिंह नेगी की शिकायत के आधार पर महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश सचिव सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
कैंट कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन करने, बैरिकेडिंग पार करने और पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।







