चमोली: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में शुक्रवार सुबह एक दुखद हादसा हो गया। तप्त कुंड में स्नान के दौरान राजस्थान से आईं दो बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं धार्मिक मान्यता के तहत लगातार डुबकियां लगा रही थीं, तभी वे अचानक बेहोश होकर कुंड में गिर गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
राजस्थान से दर्शन के लिए पहुंचा था श्रद्धालुओं का दल
बदरीनाथ थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि राजस्थान से तीर्थयात्रियों का एक दल 4 सितंबर को बदरीनाथ धाम पहुंचा था। शुक्रवार सुबह चार महिलाएं और एक पुरुष तप्त कुंड में स्नान करने पहुंचे। स्नान करने के बाद पुरुष मंदिर की ओर चला गया, जबकि चारों महिलाएं तप्त कुंड में धार्मिक परंपरा के अनुसार डुबकी लगाने लगीं।
108 डुबकियों की परंपरा के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार महिलाएं तप्त कुंड में 108 बार डुबकी लगाने की धार्मिक मान्यता का पालन कर रही थीं। इसी दौरान दो बुजुर्ग महिलाएं अचानक बेहोश होकर कुंड में गिर गईं। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सुबह पांच बजे मची अफरा-तफरी
पुलिस के मुताबिक हादसा सुबह करीब पांच बजे हुआ। दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं, तभी वे बेहोशी की हालत में कुंड के अंदर मिलीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और मंदिर प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद बदरीनाथ धाम में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं के बीच इस हादसे को लेकर चिंता और चर्चा का माहौल देखा गया।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस ने मृतक महिलाओं की पहचान 63 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी मदन और 71 वर्षीय रामू देवी पत्नी अमर के रूप में की है। दोनों राजस्थान की निवासी थीं और बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए आई थीं।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
बदरीनाथ थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि मृतक महिलाओं के परिजनों ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं कराने का अनुरोध किया है। परिजन दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन आवश्यक अनुमति और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को तप्त कुंड में स्नान करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बदरीनाथ धाम में हुई इस दर्दनाक घटना ने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। आस्था के इस पवित्र स्थल पर हुई दो महिलाओं की मौत ने एक बार फिर तीर्थयात्रा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सावधानियों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।







