हरिद्वार: बहादराबाद क्षेत्र में 14 सितंबर को हुए चर्चित हैप्पी हत्याकांड का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार बाइक मैकेनिक हैप्पी की हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। मामले में शुक्रवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदस्सिर पुत्र जमशेद निवासी दतौली रांगण, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बहादराबाद कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की साजिश में कुल पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
14 सितंबर को हुई थी हैप्पी की हत्या
एसएसपी के अनुसार 14 सितंबर को पतंजलि रोड स्थित देव धर्मकांटा, शांतरशाह के पास 28 वर्षीय हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई कपिल की तहरीर पर बहादराबाद कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
चेकिंग के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात बहादराबाद क्षेत्र में नहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने नदी की ओर जाने वाली ढलान पर एक युवक को घायल अवस्था में पकड़ा, जिसके बाएं पैर की पिंडली में गोली लगी थी। पूछताछ में उसने अपना नाम मुदस्सिर बताया। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
हत्या में तीन शूटरों की भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वारदात को तीन बदमाशों ने अंजाम दिया था। इनमें मुदस्सिर, इस्तकार उर्फ इस्तयाक और शादाब शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मुदस्सिर और इस्तकार ने हैप्पी पर गोली चलाई थी, जबकि शादाब कुछ दूरी पर बाइक लेकर उनका इंतजार कर रहा था। वारदात के बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे।
मुकीम काला गैंग से जुड़ा था हथियार सप्लायर
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा साबिर नामक बदमाश ने उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार साबिर सहारनपुर का रहने वाला है और कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा रहा है।
पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक समीर नामक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी। मामले में इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।
2022 की रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे वर्ष 2022 से चली आ रही पुरानी दुश्मनी मुख्य कारण रही। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी इस्तकार उर्फ इस्तयाक वर्ष 2022 में एक नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत जेल जा चुका है।
इस्तकार को शक था कि उसकी गिरफ्तारी में हैप्पी ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी कारण दोनों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।
ब्लैकमेलिंग और धमकियों से था परेशान
एसएसपी ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार कथित रूप से नशे के कारोबार में शामिल हो गया था। उसे आरोप था कि हैप्पी उसे बार-बार पुलिस से पकड़वाने की धमकी देता था और पैसों की मांग करता था।
पुलिस के अनुसार लगातार विवाद और तनाव के चलते इस्तकार ने अपने साथियों के साथ मिलकर हैप्पी की हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने 12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की और 14 सितंबर को वारदात को अंजाम दिया।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी मुदस्सिर के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक बरामद की है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। हत्या में शामिल अन्य चार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






