देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित वर्ष 2016 के UKSSSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। दो दिन पहले जारी नोटिस के बाद हरीश रावत देहरादून स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए। पूछताछ के दौरान कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और नारेबाजी की।
हरीश रावत के समर्थन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कई वरिष्ठ नेता भी ईडी कार्यालय पहुंचे। पूछताछ समाप्त होने के बाद हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईडी अधिकारियों ने उनसे कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने जवाब दिया है।
पूछताछ के बाद क्या बोले हरीश रावत?
करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से बाहर निकले हरीश रावत ने कहा कि अधिकारियों ने उनसे विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया। साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से दबाव में आने वाली नहीं है और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना पक्ष रखती रहेगी।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस मामले की जांच की जा रही है, वह कई वर्ष पुराना है और उस समय सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया जा रहा है।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस जांच एजेंसियों का सम्मान करती है, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
क्या है मामला?
मामला वर्ष 2016 की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इस प्रकरण की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
हाल ही में ईडी ने इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी और निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान नकदी और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद करने का दावा किया था।
जांच जारी
ईडी इस मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी की ओर से अभी पूछताछ के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि जांच एजेंसियां मामले की जांच आगे बढ़ा रही हैं। ऐसे में इस प्रकरण से जुड़े तथ्यों और जांच के अगले चरणों पर सभी की नजर बनी हुई है।






