पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने आदि कैलाश, ओम पर्वत और दारमा घाटी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों को अपराह्न 4 बजे के बाद धारचूला से गुंजी और दारमा घाटी की ओर यात्रा न करने की सलाह दी है।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान व्यास और दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़कों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में शाम के समय यात्रा करने वाले पर्यटकों के फंसने की आशंका रहती है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इन दिनों आदि कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली के दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु सीमांत क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। प्री-मानसून बारिश के चलते पहाड़ी मार्गों पर मलबा गिरने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जल्द ही मानसून की औपचारिक शुरुआत होने के साथ ही जोखिम और बढ़ने की संभावना है।
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि धारचूला-गुंजी और धारचूला-दारमा घाटी मार्ग पर समय-समय पर भूस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं। इन दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की भी गंभीर समस्या है। यदि शाम के समय कोई यात्री मार्ग में फंस जाता है तो नेटवर्क नहीं होने के कारण समय पर सूचना नहीं मिल पाती, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों और टैक्सी चालकों को खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो शाम के समय इन मार्गों पर यात्रा करने से बचना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव करना है।
एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि इस संबंध में धारचूला, गुंजी और पांगला पुलिस चौकियों के साथ ही छियालेख में तैनात आईटीबीपी को भी पत्र भेजा गया है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को समय रहते जागरूक किया जा सके।
इस वर्ष आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 44 हजार यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। मानसून शुरू होने तक यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं लगातार बारिश के कारण जिले की कई सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सोबला बॉर्डर रोड सहित दो ग्रामीण सड़कें फिलहाल बंद हैं, जिन्हें खोलने का कार्य जारी है।
गौरतलब है कि हाल ही में पंचाचूली मार्ग पर राजस्थान से आए पर्यटकों के वाहन पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद प्रशासन सीमांत क्षेत्रों में यात्रा सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।







