रुद्रपुर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पंतनगर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जनप्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संग्रहालय का निरीक्षण किया और कृषि अनुसंधान, नवाचार तथा किसानों के हित में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।
संग्रहालय में देखी कृषि विकास की ऐतिहासिक यात्रा
केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के संग्रहालय का भ्रमण कर स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों का अवलोकन किया। उन्होंने कृषि अनुसंधान, उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों, बीज विकास, फसल संरक्षण, पशुपालन और कृषि शिक्षा से जुड़े प्रदर्शनों को ध्यानपूर्वक देखा। संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ तस्वीरों और कृषि विकास की यात्रा को दर्शाने वाली सामग्री में भी उन्होंने विशेष रुचि दिखाई।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने उन्हें किसानों के लिए विकसित की गई नई तकनीकों, उन्नत शोध परियोजनाओं तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किए जा रहे अनुसंधानों की जानकारी दी।
‘खेती को लाभकारी बनाना हमारी प्राथमिकता’
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि संस्थान लगातार ऐसी तकनीकों पर कार्य कर रहा है, जिनसे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़े, खेती की लागत कम हो और कृषि अधिक लाभदायक बन सके।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन देना, जल संरक्षण, उन्नत बीजों का विकास और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में विकसित तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए, ताकि शोध का वास्तविक लाभ खेतों तक पहुंचे।
‘कृषि मंत्रालय दफ्तरों से नहीं, खेतों से चलता है’
विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,
“कृषि मंत्रालय केवल दफ्तरों से नहीं चलता, खेतों से चलता है। उत्तराखंड देवभूमि भी है और दिव्य भूमि भी। यहां की पावन भूमि के कण-कण में तीर्थ है, शिला-शिला में शिव है, हर धारा में गंगा है और हर पर्वत में युगों-युगों की तपस्या है। पंतनगर केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि एक विचार है। यह वह विचार है जो कहता है कि ज्ञान का उद्देश्य समाज की सेवा है, विज्ञान का उद्देश्य मानवता का कल्याण है और कृषि केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का आधार है।”
मुख्यमंत्री धामी ने भी की विश्वविद्यालय की सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देश के अग्रणी कृषि शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों में शामिल है। यहां विकसित होने वाली नई तकनीकों और अनुसंधानों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में कृषि, बागवानी और प्राकृतिक खेती को नई गति मिलेगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सशक्त होगी।
कृषि नवाचार को नई दिशा देने वाला दौरा
केंद्रीय कृषि मंत्री का पंतनगर दौरा कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसानों के कल्याण के प्रति केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों में विकसित वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने से उत्तराखंड सहित देश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।







