रुड़की: एजुकेशन सिटी के नाम से मशहूर रुड़की एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों के बीच हुए विवाद और कथित फायरिंग से जुड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा से सटे भगवानपुर क्षेत्र स्थित एक यूनिवर्सिटी में सोमवार को छात्रों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और एक गुट ने अपने कुछ परिचित बाहरी युवकों को परिसर में बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी और हंगामा हुआ।
हवाई फायरिंग की चर्चा से फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान एक युवक द्वारा कथित तौर पर हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। गोली चलने जैसी आवाज सुनते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र और अन्य लोग डर के कारण इधर-उधर भागते नजर आए।
हालांकि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही दोनों गुटों के लोग वहां से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर मामले की जानकारी जुटाई।
पुलिस जुटी जांच में
भगवानपुर पुलिस विवाद के कारणों और कथित फायरिंग करने वाले युवक की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद में शामिल बाहरी युवक कौन थे और उन्हें किसने बुलाया था।
भगवानपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि संस्थान में झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान के प्रबंधन को परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी प्रकार की घटना की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।
फायरिंग पर प्रबंधन का गोलमोल जवाब
वहीं कथित फायरिंग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का रुख स्पष्ट नहीं दिखा। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि परिसर में एक तेज आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद अधिकारी मौके की ओर दौड़े। हालांकि उन्होंने इसे पटाखे जैसी आवाज बताते हुए मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बचने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि परिसर में वास्तव में फायरिंग हुई थी या फिर कोई अन्य वजह थी।






