हरिद्वार: टिहरी गढ़वाल के चर्चित केतन हत्याकांड को लेकर रविवार को हरिद्वार में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार को पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हंगामे के बीच सांसद चंद्रशेखर के कपड़े भी फट गए। विरोध स्वरूप दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के टिहरी रवाना होने की सूचना पहले से मिलने पर हरिद्वार पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। सुबह से ही शंकराचार्य चौक पर स्थानीय पुलिस के साथ बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री बल तैनात किया गया था। पूरे इलाके को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
जैसे ही सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश कुमार का काफिला शंकराचार्य चौक पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों नेता अपने वाहनों से उतरकर पैदल आगे बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें वहीं रोक लिया। इस दौरान उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे।

आगे जाने को लेकर पुलिस और नेताओं के बीच लंबी बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। हंगामे के दौरान सांसद चंद्रशेखर के कपड़े फट गए। मौके पर मौजूद एसपी सिटी अभय सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने दोनों नेताओं को समझाने और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन दोनों नेता अपनी मांग पर अड़े रहे।
सांसद चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। उनका कहना था कि सरकार के दबाव में उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केतन की हत्या बेहद बर्बरतापूर्ण तरीके से की गई है और घटना के बाद भी पीड़ित परिवार भय के माहौल में जी रहा है। परिवार के आग्रह पर ही वे उनसे मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में वे पीड़ित परिवार से मिलकर ही रहेंगे।
वहीं, खानपुर विधायक उमेश कुमार ने कहा कि केतन हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। सरकार और प्रशासन को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
धरने को लेकर उमेश कुमार ने कहा कि जब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा नहीं देता, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
दोनों नेताओं के धरने के कारण शंकराचार्य चौक पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस अधिकारी दोनों नेताओं से वार्ता कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।







