रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ धाम क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अलकनंदा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर बने हुए हैं। तेज बहाव के चलते अलकनंदा अपने सामान्य प्रवाह क्षेत्र से निकलकर करीब 20 से 25 मीटर तक फैल गई है, जिससे नदी किनारे स्थित सभी घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। नदी के विकराल रूप ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ा दी है।
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर
चमोली जिले के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बड़ी मात्रा में पानी, मलबा और बोल्डर अलकनंदा नदी में बहकर आ रहे हैं। इसके कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और तटीय क्षेत्रों में कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सभी घाटों पर आवाजाही प्रतिबंधित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलकनंदा नदी के किनारे स्थित सभी घाटों पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और गदेरों के पास न जाने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से भी मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही आगे की यात्रा करने का आग्रह किया गया है।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय सभासद सुरेंद्र रावत ने कहा कि मानसून के दौरान हर वर्ष अलकनंदा का बढ़ता जलस्तर नदी किनारे स्थित मकानों, दुकानों और सार्वजनिक संपत्तियों के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संभावित खतरे वाले स्थानों पर समय रहते प्रभावी सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की।
प्रशासन की अपील—अफवाहों से बचें, सतर्क रहें
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को किसी भी स्थिति में हल्के में न लें। उन्होंने नागरिकों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के शुरू किए जा सकें।
24 घंटे निगरानी, राहत दल पूरी तरह तैयार
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम और अलकनंदा नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और राहत एवं बचाव दलों के साथ आवश्यक संसाधनों को भी पूरी तरह तैयार रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में नागरिकों की सतर्कता, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन और समय पर सूचना देना ही किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने का सबसे प्रभावी उपाय है। चारधाम यात्रा और नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।







