देहरादून: राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग (बी-ब्लॉक) में बीती रात शरारती तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। महिला शौचालय में घुसकर अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की और वॉश बेसिन पर लगी नलों की टोंटियां, शीशे समेत अन्य सामान चोरी कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि कई घंटों तक यह सब होता रहा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह खुला तोड़फोड़ का राज
घटना का खुलासा शुक्रवार सुबह उस समय हुआ, जब अस्पताल के कर्मचारी ओपीडी संचालन के लिए पहुंचे। नई ओपीडी बिल्डिंग के बी-ब्लॉक की दूसरी मंजिल स्थित महिला शौचालय में कई वॉश बेसिन टूटे हुए मिले। शौचालय के अंदर भारी नुकसान देखकर कर्मचारियों ने तत्काल अस्पताल प्रशासन को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अज्ञात लोगों ने शौचालय के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और वहां लगे नलों की टोंटियां व शीशे भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. वरुण मित्तल ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी जा रही है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पताल आने वाले लोगों से भी सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की गई है।
डॉ. मित्तल ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है।
असामाजिक तत्वों पर शक
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि घटना के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि तोड़फोड़ करने वाले अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज थे या फिर कोई नशे की हालत में अस्पताल परिसर में घुसा था।
डॉ. मित्तल ने बताया कि शौचालय में तोड़फोड़ के साथ कुछ सामान भी चोरी किया गया है। इसलिए मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुरक्षा कर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
अस्पताल की सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इसके मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने पूरे परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है।
सुरक्षा कर्मियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नशेड़ियों की आवाजाही बनी चुनौती
गौरतलब है कि दून अस्पताल परिसर और उसके आसपास अक्सर कुछ नशे के आदी और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हर दिन प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी जिलों से हजारों मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच हर व्यक्ति पर नजर रखना आसान नहीं है। यही कारण है कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही तोड़फोड़ और चोरी की इस घटना का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







