चमोली: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में गर्भगृह के भीतर स्पाई कैमरे से अवैध वीडियो रिकॉर्डिंग करना एक श्रद्धालु को महंगा पड़ गया। मंदिर की सुरक्षा, धार्मिक मर्यादा और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर चमोली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रद्धालु के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालान किया। साथ ही उसे भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई।
स्पाई कैमरे से कर रहा था रिकॉर्डिंग
चमोली पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई के नोहर रोड निवासी जयप्रकाश पांडे बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में चश्मे में लगे स्पाई कैमरे के जरिए वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो ले रहा था। मंदिर प्रशासन की नजर पड़ते ही मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालु से कैमरे में रिकॉर्ड किए गए सभी वीडियो और फोटो तत्काल डिलीट करवाए तथा नियमों के उल्लंघन के आरोप में चालानी कार्रवाई की।
गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी क्यों है प्रतिबंधित?
हिंदू मंदिरों में गर्भगृह को सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, जहां मुख्य आराध्य देव की प्रतिमा स्थापित होती है। यही कारण है कि देश के अधिकांश प्राचीन और प्रमुख मंदिरों में गर्भगृह के भीतर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है।
इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं—
- धार्मिक मर्यादा और आस्था का संरक्षण: गर्भगृह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक एकाग्रता का केंद्र होता है। कैमरों और रिकॉर्डिंग उपकरणों का उपयोग धार्मिक वातावरण को प्रभावित कर सकता है।
- सुरक्षा कारण: प्रमुख धार्मिक स्थलों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और संरचना को सार्वजनिक होने से बचाया जाता है, ताकि सुरक्षा संबंधी कोई खतरा उत्पन्न न हो।
- दर्शन व्यवस्था बनाए रखना: यदि रिकॉर्डिंग की अनुमति दी जाए तो श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन व्यवस्था बाधित हो सकती है।
- परंपरा और संस्कृति: सदियों से चली आ रही मंदिरों की आचार संहिता का पालन करना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी मानी जाती है।
श्रद्धालुओं से पुलिस और मंदिर प्रशासन की अपील
चमोली पुलिस और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि चारधाम सहित सभी धार्मिक स्थलों पर निर्धारित नियमों, परंपराओं और दिशा-निर्देशों का पालन करें। मंदिर परिसर में मर्यादा बनाए रखें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या ड्रोन उड़ाने से बचें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पवित्रता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।







