रुद्रपुर: उधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर में मंगलवार को हुई महज दो घंटे की बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की मानसून तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। शहर का मुख्य बाजार, बाटा चौक, डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क सहित कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से आम लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के चलते कई दुकानों में पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा, जिससे व्यापारी पूरे दिन सामान बचाने में जुटे रहे।
पहली बारिश में डूबा शहर, बाजार बना तालाब
लगातार करीब दो घंटे हुई बारिश के बाद शहर के मुख्य बाजार की अधिकांश सड़कें पानी से लबालब भर गईं। दुकानों के बाहर जलभराव होने से व्यापार प्रभावित हुआ और ग्राहकों की आवाजाही भी थम गई। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश कुछ देर और जारी रहती तो पानी दुकानों के अंदर घुस जाता और लाखों रुपये का नुकसान हो सकता था।
व्यापार मंडल ने प्रशासन पर साधा निशाना
जलभराव की स्थिति को देखते हुए व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा सुबह से ही व्यापारियों को सतर्क करते रहे। उन्होंने दुकानदारों से समय रहते दुकानें खोलकर सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की। तीन वर्ष पहले हुई भारी बारिश की घटना को याद करते हुए इस बार भी व्यापारियों में नुकसान की आशंका बनी रही।
संजय जुनेजा ने नगर निगम और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में सभी दावे धराशायी हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा बाजार पानी में डूबा हुआ था, तब मौके पर न तो नगर निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था और न ही प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी।
अधूरी नालियां बनीं जलभराव की वजह
व्यापारी गुरमीत सिंह ने बताया कि करीब दो महीने पहले सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन उसके साथ जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया। नतीजतन बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और पूरा बाजार तालाब में तब्दील हो गया।
अन्य व्यापारियों ने भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों की उचित योजना न बनने और जल निकासी की व्यवस्था की अनदेखी के कारण हर बारिश में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बारिश थमने के बाद शुरू हुई सफाई
बारिश रुकने के बाद नगर निगम की टीम नालियों की सफाई और उनमें फंसे कचरे को निकालने में जुट गई। हालांकि तब तक शहर के कई इलाकों में जलभराव हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले नालों और नालियों की समय पर सफाई की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी मानसून के दौरान हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से ठोस और दीर्घकालिक समाधान की मांग की है ताकि हर बारिश में शहर को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
नगर आयुक्त ने क्या कहा?
रुद्रपुर नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने बताया कि नगर निगम की टीमें शहर के नालों और नालियों की सफाई में जुटी हुई हैं। जहां-जहां कचरा जमा हुआ है, वहां जेसीबी मशीनों की मदद से उसे हटाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पानी की निकासी कर स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।







