देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग गतिविधियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी गई। नई नियमावली के तहत अब अधिसूचित नदियों में अवैध राफ्टिंग संचालन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में राफ्ट जब्त करने के साथ ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि संशोधित नियमावली से प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बेहतर तरीके से रेगुलेट किया जा सकेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अवैध राफ्टिंग पर कड़ी कार्रवाई
नई नियमावली के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के राफ्टिंग या कयाकिंग का संचालन करती पाई जाती है, तो उसकी राफ्ट तत्काल जब्त कर ली जाएगी और संचालक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना संचालन करने पर प्रति राफ्ट ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकेगा।
60 वर्ष तक के गाइड कर सकेंगे संचालन
संशोधित नियमावली में रिवर गाइड और सेफ्टी कयाकरों की अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि 50 वर्ष से अधिक आयु के गाइड और सेफ्टी कयाकरों को हर वर्ष राजकीय मेडिकल बोर्ड से फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
लाइसेंस और पहचान पत्र से जुड़े नए नियम
नई व्यवस्था के तहत—
- राफ्टिंग या कयाकिंग संचालन के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त और पांच वर्ष की अवधि का वैध लाइसेंस आवश्यक होगा।
- प्रत्येक रिवर गाइड का परिचय पत्र हर पांच वर्ष में नवीनीकृत कराया जाएगा।
- नवीनीकरण के लिए परिचय पत्र की वैधता समाप्त होने से 90 दिन पहले आवेदन करना होगा।
- यदि कोई गाइड फर्म बदलता है तो विभाग द्वारा जारी उसका पुराना परिचय पत्र स्वतः अमान्य हो जाएगा।
- लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सीजन शुरू होने के 45 दिन के भीतर निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होगा
सरकार ने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई नए प्रावधान लागू किए हैं।
- सभी गाइड और पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानकों के प्रमाणित हेलमेट और लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
- प्रत्येक राफ्टिंग ट्रिप में सुरक्षा मानकों के अनुरूप गाइड और सेफ्टी कयाकर की तैनाती आवश्यक होगी।
- बिना हेलमेट, लाइफ जैकेट या अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण के पाए जाने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
- राफ्ट में ओवरलोडिंग पाए जाने पर भी ₹5,000 का जुर्माना लगेगा।
- खराब, क्षतिग्रस्त या निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर भी ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
पर्यटकों से दुर्व्यवहार पर लाइसेंस होगा रद्द
यदि जांच में यह साबित होता है कि राफ्टिंग या कयाकिंग के दौरान दुर्घटना लापरवाही के कारण हुई या पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार अथवा धोखाधड़ी की गई, तो संबंधित फर्म का लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा। साथ ही संबंधित रिवर गाइड का पहचान पत्र भी निरस्त कर दिया जाएगा।
गो-प्रो कैमरे और लाइसेंस ट्रांसफर पर भी सख्ती
संशोधित नियमावली में यह भी प्रावधान किया गया है कि—
- राफ्टिंग के दौरान रिवर गाइड द्वारा गो-प्रो कैमरा इस्तेमाल करने पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
- बिना वैध नवीनीकरण के गाइड द्वारा संचालन करने पर ₹5,000 का जुर्माना होगा।
- अवैध रिवर गाइड द्वारा राफ्टिंग या कयाकिंग कराने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
- उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) की अनुमति के बिना लाइसेंस ट्रांसफर करने वाले संचालक को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
रोजगार और बेहतर नियमन पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि संशोधित नियमावली से उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों का बेहतर नियमन होगा। इससे सुरक्षा मानकों को मजबूती मिलेगी, पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। साथ ही अवैध संचालन पर प्रभावी रोक लगाकर पर्यटन उद्योग को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।







