उत्तरकाशी: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से लोगों और चारधाम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच शनिवार को उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर राहत, पुनर्बहाली और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर जल्द यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा करने और सभी आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक सप्ताह में पुल निर्माण पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिशासी अभियंता को स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुल निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग राहत, बचाव और पुनर्बहाली कार्य पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ सुनिश्चित करें।
ट्रांसशिपमेंट और पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही वैकल्पिक पैदल मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में रस्सियां, सोलर लाइट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के आदेश दिए, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
यमुना नदी के चैनलाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सिंचाई विभाग द्वारा यमुना नदी पर चल रहे चैनलाइजेशन कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने नदी के बहाव को सुचारु बनाए रखने के लिए कार्यों में तेजी लाने और गढ़गाड़ क्षेत्र में नदी के प्रवाह में बाधा बने मलबे को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा चैनलाइजेशन कार्य में मशीनों की संख्या बढ़ाकर संभावित जोखिम को कम करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और राहत, सुरक्षा तथा यातायात बहाली से जुड़े सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं।
तीसरे दिन भी बंद रहा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार दोपहर स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक भारी भूस्खलन हो गया था। इसके बाद से हाईवे पूरी तरह बंद पड़ा है।
शुक्रवार को पूरे दिन राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनें और कर्मचारी मलबा हटाने में जुटे रहे, लेकिन लगातार बारिश के चलते पहाड़ी से बार-बार मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरते रहे। सुरक्षा कारणों से मार्ग को यातायात के लिए नहीं खोला जा सका। शनिवार को भी हालात में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ और लगातार तीसरे दिन भी राजमार्ग बंद रहा।
पैदल यात्रा करने को मजबूर श्रद्धालु
हाईवे बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को स्यानाचट्टी के पास अपने वाहनों से उतरकर पैदल रास्ता तय करना पड़ रहा है। मलबा प्रभावित क्षेत्र पार करने के बाद दूसरी ओर खड़े वाहनों से श्रद्धालु अपनी आगे की यात्रा पूरी कर रहे हैं।
वहीं, सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि व्यापार, दैनिक आवागमन और अन्य जरूरी गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।







