ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा के तेज बहाव में 12 वर्षीय एक बालक बह गया और देखते ही देखते लहरों में ओझल हो गया। मासूम को अपनी आंखों के सामने बहता देख परिजनों की चीख-पुकार से घाट का माहौल गमगीन हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया। हालांकि देर शाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका।
गंगा स्नान के दौरान फिसला पैर, तेज बहाव में बहा मासूम
एसडीआरएफ के अनुसार, ऋषिकेश के शिवाजी नगर निवासी 12 वर्षीय चंदन, पुत्र दयाराम, अपने परिवार के साथ स्टेडिया गली नंबर-4 स्थित आस्था पथ के ओम घाट पर गंगा स्नान करने आया था। परिवार के सभी सदस्य गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक चंदन का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव की चपेट में आ गया।
परिजन जब तक उसे बचाने का प्रयास करते, तब तक वह कुछ ही पलों में गंगा की लहरों में ओझल हो चुका था। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
‘कोई तो बचा लो’ की पुकार से गूंजा घाट
अपने बेटे को बहता देख परिजन जोर-जोर से मदद की गुहार लगाने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। वहीं एसडीआरएफ इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण अपनी टीम और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया।
तेज बहाव बना सबसे बड़ी चुनौती
एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में कई संभावित स्थानों पर गोताखोरों की मदद से बच्चे की तलाश की। लेकिन बरसात के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा होने और तेज बहाव के चलते रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा।
देर शाम तक पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोजबीन करती रहीं, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस दर्दनाक घटना के बाद चंदन के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। पूरे क्षेत्र में गम और चिंता का माहौल बना हुआ है। सभी लोग बच्चे के सकुशल मिलने की दुआ कर रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गंगा में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होता है। ऐसे में बच्चों को अकेले नदी के किनारे या गहरे पानी में न जाने दें और केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। गंगा में स्नान के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।







