देहरादून: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को पेपर लीक का “एपिसेंटर” बना दिया है।
राहुल गांधी के इस पोस्ट के बाद भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर विस्तृत जवाब देते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में भर्ती घोटालों की शुरुआत कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुई थी और राहुल गांधी को राज्य की जनता के सामने पूरा सच रखना चाहिए।
अमित मालवीय ने कांग्रेस सरकारों पर उठाए सवाल
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा कि उत्तराखंड की पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल (2002–2007) में दरोगा भर्ती और पटवारी भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल (2014–2017) के दौरान हुई UKSSSC VPDO भर्ती परीक्षा, सिडकुल भर्ती विवाद, उसकी SIT जांच, UBTER और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की भर्तियों में सामने आए विवादों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठे, जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं, कई भर्तियां रद्द करनी पड़ीं और युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ।
धामी सरकार की कार्रवाई का किया जिक्र
अमित मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में जब UKSSSC भर्ती घोटाले का मामला सामने आया तो भाजपा सरकार ने उसे दबाने के बजाय सख्त कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके तहत 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में घोटाले होते थे लेकिन कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि भाजपा सरकार ने कानून बनाकर दोषियों पर कार्रवाई की, गिरफ्तारियां कीं और भर्ती व्यवस्था में सुधार किया।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
अमित मालवीय ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड का युवा केवल भाषण नहीं बल्कि रिकॉर्ड देखता है। उनके अनुसार, एक ओर कांग्रेस शासन का भर्ती घोटालों का इतिहास है, जबकि दूसरी ओर भाजपा सरकार की ओर से सख्त कानून, माफियाओं पर कार्रवाई, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का दावा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने से पहले कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि भर्ती घोटालों की नींव किसके शासनकाल में पड़ी थी।
विजय बहुगुणा के कार्यकाल का नहीं किया उल्लेख
हालांकि अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कांग्रेस शासनकाल के कई मामलों का जिक्र किया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल का उल्लेख नहीं किया। विजय बहुगुणा कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे थे, लेकिन वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर नजर
इस बीच देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कार्यक्रम में वे छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। ऐसे में कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड की राजनीति में भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।







