चमोली: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच के बीच अब एक और गंभीर मामला सामने आया है। श्री बदरीश पंडा पंचायत ने आरोप लगाया है कि धाम में कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे लेकर नियमों के विपरीत दर्शन करा रहे हैं। पंचायत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सीएम धामी को भेजा गया पत्र
17 जुलाई को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में श्री बदरीश पंडा पंचायत ने कहा है कि चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच के साथ-साथ धाम में कथित रूप से पैसे लेकर अवैध दर्शन कराने के आरोपों की भी जांच कराई जानी चाहिए।
पंचायत का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो धाम की व्यवस्थाओं से जुड़ी अन्य अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं।
‘पैसे लेकर कराए जा रहे हैं नियमों के विपरीत दर्शन’
पत्र में दावा किया गया है कि कुछ लोग श्रद्धालुओं और यात्रियों से धन लेकर उन्हें निर्धारित व्यवस्था के विपरीत दर्शन करा रहे हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारी कथित रूप से नंबर-2 गेट से लोगों को अनधिकृत प्रवेश दिलाकर व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
पंडा पंचायत ने इन गतिविधियों को धाम की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास के लिए गंभीर चुनौती बताया है।
जांच का दायरा बढ़ाने की मांग
पंचायत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच का दायरा बढ़ाकर इन आरोपों को भी शामिल किया जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पंचायत का कहना है कि इससे बदरीनाथ धाम की व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।
सरकार की कार्रवाई का किया स्वागत
श्री बदरीश पंडा पंचायत ने चढ़ावा हेराफेरी मामले में राज्य सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि वह जांच एजेंसियों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि अवैध दर्शन कराने और कर्मचारियों की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप श्री बदरीश पंडा पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में किए गए दावे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
अब इस मामले में सरकार और जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।







