देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यक्रम को “पूर्व नियोजित स्क्रिप्ट”, “ड्रामा” और “कांग्रेसी राजनीति का फ्लॉप शो” करार देते हुए कहा कि यह छात्रों के कीमती समय को बर्बाद करने का प्रयास था।
उन्होंने कहा कि जिस समय नीट परीक्षा में सफल 11 लाख से अधिक छात्रों का उत्साहवर्धन किया जाना चाहिए था, उस समय राहुल गांधी ने एक बार फिर पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर पुराने आरोपों को दोहराया।
‘20 दिन विदेश में रहे, लेकिन कुछ नया नहीं सीखा’
महेंद्र भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में ऐसा कुछ भी नया नहीं था जिससे लगे कि वे अपने हालिया विदेश दौरे से कोई नई सोच या जानकारी लेकर लौटे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को “नॉन-सीरियस और पार्ट-टाइम राजनेता” बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। उनके अनुसार, कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीतिक पुनर्स्थापना की कोशिशें इस बार भी सफल नहीं होंगी।
‘छात्रों के कंधों पर राजनीति करना चाहती है कांग्रेस’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों का समाधान नहीं चाहती, बल्कि उनके कंधों पर राजनीति कर आगामी विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पूछे गए सवाल पहले से तय थे और उनके जवाब भी पहले से तैयार थे। राहुल गांधी ने एक बार फिर नीट परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर वही आरोप दोहराए, जिन्हें भाजपा झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश मानती है।
राजस्थान और कांग्रेस सरकारों का भी किया जिक्र
महेंद्र भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी को उत्तराखंड में पेपर लीक पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस सरकारों के दौरान हुए कथित भर्ती घोटालों पर भी जवाब देना चाहिए था।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और हरीश रावत के कार्यकाल में पटवारी, दरोगा, बीडीओ, तकनीकी विश्वविद्यालय, सिडकुल और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की भर्तियों से जुड़े विवादों का उल्लेख किया।
साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के दौरान पेपर लीक के मामलों पर राहुल गांधी ने क्या रुख अपनाया।
‘राजनीतिक पर्यटन’ करने आते हैं राहुल गांधी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनका राज्य से जुड़ाव केवल राजनीतिक अवसरों तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 4 जून को उत्तराखंड आए, कुछ घंटों के भीतर यहां से अंडमान घूमने चले गए और उसके बाद लगभग 20 दिन विदेश में रहे। ऐसे में उनका यह दौरा जनता की चिंता नहीं, बल्कि “राजनीतिक पर्यटन” जैसा प्रतीत होता है।
धामी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नकल और पेपर लीक के खिलाफ देश के सबसे सख्त कानूनों में से एक लागू किया है।
उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत सैकड़ों नकल माफिया जेल भेजे गए हैं और अब तक 34 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी की गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। उनके अनुसार, राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और उत्तराखंड का युवा अब उद्यमिता और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
महिला और खिलाड़ियों के लिए योजनाओं का भी किया उल्लेख
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना’ के तहत फरवरी 2026 तक 3.77 लाख से अधिक बेटियों के खातों में 1,168 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की है।
इसके अलावा सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत खेल कोटा लागू किया गया है और पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न नियुक्ति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी कीमत पर उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी और कांग्रेस के राजनीतिक आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देती रहेगी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
महेंद्र भट्ट के ये सभी बयान राहुल गांधी के देहरादून दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं। इस खबर के प्रकाशित होने तक कांग्रेस की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







