मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब अपना असर दिखाने लगी है। रविवार को मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर गलोगी पावर हाउस और मैगी प्वाइंट के पास अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आ गया। इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की त्वरित कार्रवाई से मार्ग को जल्द ही साफ कर यातायात बहाल कर दिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
भूस्खलन से मची अफरा-तफरी
भूस्खलन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण यात्रियों को कुछ समय तक सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा।
पर्यटन सीजन के चलते इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में अचानक सड़क पर मलबा आने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई।
जेसीबी से हटाया गया मलबा, यातायात हुआ सामान्य
मलबा गिरने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने सड़क पर गिरे पत्थरों और मलबे को हटाने का अभियान शुरू किया। विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते कुछ ही समय में मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात सामान्य कर दिया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैनात हैं मशीनें
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर भूस्खलन संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही जेसीबी मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कहीं भी भूस्खलन या सड़क पर मलबा आने की सूचना मिलते ही विभागीय टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर देती हैं, ताकि यातायात अधिक समय तक बाधित न रहे।
प्रशासन ने यात्रियों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही बारिश के कारण मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पिछले वर्षों में मानसून के दौरान हुए भूस्खलन और सड़क क्षति की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी जारी है बहाली कार्य
उधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर भी पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग का एक हिस्सा प्रभावित है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए घोड़ा, डंडी और कंडी सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जबकि प्रशासन की निगरानी में पैदल यात्रा जारी है।
लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी निर्माण खंड के अनुसार, मार्ग को जल्द खोलने के लिए 14 श्रमिकों को मलबा हटाने के कार्य में लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि युद्धस्तर पर राहत एवं बहाली कार्य जारी है, ताकि चारधाम यात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।







