देहरादून: लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर देहरादून-मसूरी मार्ग की संवेदनशीलता उजागर कर दी है। पिछले 11 महीनों में दूसरी बार देहरादून-मसूरी रोड का बड़ा हिस्सा धंसने से यातायात प्रभावित हो गया। हालांकि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रातभर युद्धस्तर पर काम करते हुए पहाड़ की ओर अस्थायी कटिंग कर वन-लेन ट्रैफिक शुरू कर दिया है, लेकिन मार्ग पर लंबा जाम और आवाजाही की दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं।
मैगी प्वाइंट के पास धंसी सड़क, 90 फीसदी हिस्सा खाई में समाया
19 जुलाई से शुरू हुई लगातार बारिश के बाद 20 जुलाई को मसूरी-देहरादून रोड पर शिव मंदिर के आगे मैगी प्वाइंट के पास सड़क में दरारें पड़नी शुरू हुईं। देखते ही देखते शाम तक स्थिति गंभीर हो गई और सड़क का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खाई की ओर धंस गया।
हालात ऐसे हो गए कि कुछ समय तक केवल दोपहिया वाहन ही किसी तरह निकल पा रहे थे। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक रोक दिया और बाद में पहाड़ की तरफ कटिंग कर अस्थायी कच्चा मार्ग तैयार किया गया।

रातभर चला राहत कार्य, वन-लेन ट्रैफिक शुरू
लोक निर्माण विभाग ने तीन मशीनों की मदद से पूरी रात मलबा हटाने और सड़क बनाने का कार्य किया। इसके बाद मंगलवार सुबह से वन-लेन ट्रैफिक बहाल कर दिया गया, जिससे अब हल्के और भारी दोनों तरह के वाहनों की सीमित आवाजाही शुरू हो गई है।
हालांकि कच्चे और संकरे मार्ग के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

पर्यटक भी फंसे, यात्रा हुई प्रभावित
सड़क क्षतिग्रस्त होने से मसूरी घूमने आए पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली से आए पर्यटक रहमतुल्लाह ने बताया कि उनकी गाड़ी करीब दो किलोमीटर पीछे खड़ी रही और सड़क बंद होने के कारण उन्हें तय समय से एक दिन बाद लौटना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अचानक सड़क बंद होने से यात्रा की पूरी योजना प्रभावित हो गई और काफी असुविधा झेलनी पड़ी।
PWD ने बताया कैसे धंसी सड़क
लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद ने बताया कि विभाग को दोपहर करीब दो बजे सड़क में दरार पड़ने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि सड़क का निचला हिस्सा धीरे-धीरे खिसक रहा था। निरीक्षण के दौरान नीचे अचानक पानी के नए स्रोत फूटते दिखाई दिए और कुछ ही देर बाद सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह ढह गया।
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर तुरंत ट्रैफिक रोक दिया गया और रातभर मशीनों से काम कर अस्थायी मार्ग तैयार किया गया।
स्थायी समाधान के लिए बनेगी नई रिटेनिंग वॉल
PWD के अनुसार, फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत यातायात शुरू किया गया है। स्थायी समाधान के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से पर दोबारा रिटेनिंग वॉल (सुरक्षात्मक दीवार) बनाई जाएगी, लेकिन इसके लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी है।
विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के बीच स्थायी निर्माण कार्य करना फिलहाल संभव नहीं है।
पूरे मार्ग पर मंडरा रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मैगी प्वाइंट ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून-मसूरी मार्ग पर कई स्थानों पर दरारें और भूधंसाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष भी मानसून के दौरान इस सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हुए थे और इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।







