नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नैनीताल घूमकर हल्द्वानी लौट रहे लखनऊ के पर्यटकों की टैक्सी ज्योलीकोट के पास करीब 40 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन चालक समेत सात लोग घायल हो गए। इनमें चालक और एक पर्यटक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
नैनीताल से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, लखनऊ के गोमतीनगर निवासी सिद्धार्थ प्रताप सिंह (24), निखिल त्रिपाठी (20), आदित्य त्रिपाठी (24), सिद्धांत सिंह (23), आदर्श मिश्रा (23) और निखिलेंद्र सिंघल (23) नैनीताल घूमने आए थे। सभी पर्यटक हल्द्वानी निवासी चालक संग्राम सिंह के साथ टैक्सी संख्या यूके 04 टीबी 3870 से काठगोदाम की ओर लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि टैक्सी ज्योलीकोट के एक नंबर क्षेत्र से आगे पहुंची ही थी कि चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते टैक्सी सड़क से नीचे लगभग 40 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों विभागों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
चालक और एक पर्यटक की हालत गंभीर
एसडीआरएफ के अनुसार, हादसे में चालक संग्राम सिंह और निखिलेंद्र सिंघल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि अन्य पर्यटकों को हल्की चोटें आई हैं। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सुशीला तिवारी चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
एसडीआरएफ के एएसआई सुनील कुमार ने बताया,
“हादसे में चालक संग्राम सिंह और पर्यटक निखिलेंद्र सिंघल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि अन्य पर्यटकों को हल्की चोटें आई हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से सुशीला तिवारी चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है।”
हादसे के कारणों की जांच जारी
प्राथमिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता और सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। यात्रियों और पर्यटकों से प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर सतर्कता बरतने की अपील की है।







