चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी एवं कथित हेराफेरी मामले में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जिला एवं सत्र न्यायालय, चमोली ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद प्रमोद नौटियाल फिलहाल चमोली की पुरसारी जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
एसपी चमोली ने की पुष्टि
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा विभिन्न पहलुओं पर लगातार की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसआईटी ने सबसे पहले किया था प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और चोरी के मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने सबसे पहले तत्कालीन बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। एसआईटी का दावा है कि कुछ सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कथित रूप से चढ़ावे की नकदी अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
8 जुलाई को दर्ज मुकदमे के बाद हुई थी गिरफ्तारी
प्रमोद नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे। एसआईटी ने 8 जुलाई को दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान उनसे पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद से वह पुरसारी जिला कारागार में बंद हैं।
पूर्व मंदिर अधिकारी भी हैं न्यायिक हिरासत में
जांच आगे बढ़ने पर एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान से भी लंबी पूछताछ की। बाद में उन्हें भी इस मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वर्तमान में दोनों आरोपी पुरसारी जिला कारागार में बंद हैं।
कई अहम दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच जारी
एसआईटी इस मामले में स्टॉक रजिस्टर, चढ़ावा अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, जब्त दस्तावेजों और बदरी-केदार मंदिर समिति के कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पूरे घटनाक्रम को किस प्रकार अंजाम दिया गया।
फिलहाल जेल में ही रहेंगे प्रमोद नौटियाल
शनिवार को जमानत याचिका खारिज होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रमोद नौटियाल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। अगली जमानत याचिका कब दाखिल की जाएगी, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एसआईटी का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






