उत्तरकाशी: यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर स्थित स्यानाचट्टी कस्बे में शनिवार शाम बड़ा हादसा टल गया। यमुनोत्री हाईवे पर सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र से अचानक हल्के मलबे के साथ एक विशालकाय बोल्डर नीचे आ गिरा। बोल्डर हाईवे के ऊपरी हिस्से से गुजरते हुए सड़क खोलने में लगी मशीन और वहां काम कर रहे मजदूरों के बेहद करीब से निकला। संयोग से सभी लोग समय रहते सुरक्षित स्थान पर हट गए, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
इसके बाद बोल्डर हाईवे किनारे बने सार्वजनिक शौचालय को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करता हुआ नीचे आवासीय बस्ती की ओर जा गिरा। राहत की बात यह रही कि वह किसी मकान से टकराने के बजाय कुछ दूरी पर जाकर रुक गया, जिससे जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के समय सड़क और मंदिर परिसर के आसपास लोगों की आवाजाही नहीं थी। यदि उस समय श्रद्धालु, स्थानीय निवासी या वाहन मौजूद होते तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
स्यानाचट्टी इस मानसून में लगातार प्राकृतिक खतरों से घिरा हुआ है। पिछले वर्ष कुपड़ा खड्ड में आई आपदा के निशान अभी पूरी तरह मिटे भी नहीं हैं। वहीं यमुना नदी में बने झीलनुमा क्षेत्र का खतरा भी बना हुआ है, जिससे कस्बे के अस्तित्व को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा कस्बे के ऊपर स्थित पहाड़ी में सक्रिय बड़े भूस्खलन जोन ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी दरक रही है और समय-समय पर बोल्डर तथा भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर गिर रहा है। यही वजह है कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। शुक्रवार से यह मार्ग इसी भूस्खलन क्षेत्र में बंद पड़ा हुआ है और सीमा सड़क संगठन तथा अन्य एजेंसियां मार्ग खोलने में जुटी हैं। हालांकि लगातार पत्थर गिरने से सड़क खोलने का कार्य भी बेहद जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह, मनोज रावत और अनुज ने बताया कि स्यानाचट्टी में हालात दिन-प्रतिदिन चिंताजनक होते जा रहे हैं। एक ओर पहाड़ी से गिरते बोल्डरों का खतरा है, तो दूसरी ओर यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड का बढ़ता दबाव लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
शनिवार की घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि स्यानाचट्टी में खतरा अभी टला नहीं है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है। स्थानीय लोगों ने भी मौसम खराब रहने तक अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।







