श्रीनगर: हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय बेस चिकित्सालय श्रीनगर में चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के पद पर बदलाव किया गया है। प्राचार्य एवं डीन डॉ. आशुतोष सयाना के आदेशानुसार प्रोफेसर जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. राकेश रावत को उनके अनुरोध पर चिकित्सा अधीक्षक के अतिरिक्त दायित्व से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एएन पाण्डेय को अग्रिम आदेशों तक चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के अनुसार डॉ. एएन पाण्डेय अपने विभागीय दायित्वों के साथ-साथ चिकित्सा अधीक्षक के कार्यों का भी निर्वहन करेंगे। इस अतिरिक्त दायित्व के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त मानदेय अथवा अन्य परिलब्धियां देय नहीं होंगी। चिकित्सा क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. एएन पाण्डेय लंबे समय से मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के नेत्र रोग विभाग में प्रोफेसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले भी वे विभिन्न अवसरों पर प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में चिकित्सा व्यवस्थाओं को और मजबूती मिलेगी।
डॉ. पाण्डेय को नई जिम्मेदारी मिलने की खबर से अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों में खुशी का माहौल है। उनके सरल, मिलनसार और सहज व्यक्तित्व के कारण वे अस्पताल परिवार के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनके नेतृत्व में अस्पताल की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में नई गति मिलेगी।
अस्पताल परिवार ने डॉ. एएन पाण्डेय को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव मरीजों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
गौरतलब है कि श्रीनगर बेस अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए अस्पताल में विभिन्न सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के जिलों से इलाज कराने आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों की जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।







