रुड़की: हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के पीरपुरा गांव में रविवार सुबह पुरानी रंजिश को लेकर सनसनीखेज हमला हो गया। ग्राम प्रधान के भाई इंतजार पर दर्जनों लोगों ने धारदार हथियारों, लोहे के सरियों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में उसकी गर्दन कटते-कटते बची, जबकि कान का एक हिस्सा कटकर अलग हो गया। गर्दन पर भी गंभीर चोट आई है। बीच-बचाव करने पहुंचे दो अन्य लोग भी हमले में घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
ग्राम प्रधान मुजफ्फर अली ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि कुख्यात बदमाश अकील उर्फ भुट्टू और उसके परिजनों के खिलाफ पहले से ही धारा 307 समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उनका कहना है कि आरोपी पक्ष लंबे समय से गांव का माहौल खराब कर रहा है और लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, कुछ समय पहले रोशनाबाद में अकील उर्फ भुट्टू और उसके परिजनों ने इंतजार और उसके साथियों के साथ मारपीट की थी। इस मामले में सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तभी से आरोपी पक्ष ग्राम प्रधान और उसके परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। मुकदमा वापस न लेने की रंजिश में रविवार सुबह यह हमला किया गया।
तहरीर के अनुसार, रविवार सुबह करीब 9:15 बजे इंतजार घर से दुकान जाने के लिए निकला था। घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर कुछ लोगों ने बाइक लगाकर उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि परवेज, राशिद, अकील, तौकीर, नदीम, लुकमान, परवश, तमरेज, फिरोज, अकदस, अखलद, अरशद, शारिक, समीर, अयान, अदनान, शोएब और कादिर समेत अन्य लोग पहले से घात लगाए बैठे थे। उनके हाथों में लाठी-डंडे, लोहे के सरिए और धारदार हथियार थे।
आरोप है कि हमलावरों ने इंतजार को जबरन वाहन से बाहर खींच लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अकील उर्फ भुट्टू ने भेजा है और मुकदमा दर्ज कराने की सजा देने आए हैं। इसके बाद उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि परवेज ने अपने हाथ में लिए धारदार तबलनुमा हथियार से इंतजार की गर्दन पर वार किया। हालांकि वह थोड़ा पीछे हट गया, जिससे उसकी गर्दन पूरी तरह कटने से बच गई। लेकिन वार इतना गंभीर था कि उसका कान का एक हिस्सा कटकर अलग हो गया और गर्दन पर गहरी चोट आई। हमले के दौरान वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
शोर सुनकर इंतजार का भाई मुजफ्फर और हिफाजत उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान गांव के शहजाद, उस्मान, साकिब समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायलों को बचाया।
ग्रामीणों को आता देख हमलावर खुद को घिरता देख मौके से फरार हो गए। आरोप है कि जाते-जाते उन्होंने दोबारा मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद ग्राम प्रधान और उसका परिवार भय और दहशत में है।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार सरकारी अस्पताल हरिद्वार में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, इंतजार के कान और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि मुजफ्फर और हिफाजत को भी चोटें लगी हैं।
ग्राम प्रधान मुजफ्फर अली ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डेढ़ दर्जन नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।







