हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में बीती रात से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला गुरुवार सुबह तक लगातार जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, लेकिन कांवड़ मेले की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। मूसलाधार बारिश के बीच भी हजारों शिवभक्त कंधों पर कांवड़ उठाकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते रहे।
बारिश में भीगते हुए शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष लगाते हुए हाईवे और कांवड़ पटरी पर आगे बढ़ते नजर आए। लगातार बरसते पानी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
इधर, प्रशासन भी मौसम को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। सुबह से ही नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलनिकासी के कार्य में जुटी हुई हैं। शहर के भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि कांवड़ियों को आंतरिक मार्गों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और उन्हें केवल कांवड़ पटरी और हाईवे मार्ग से ही निकाला जा रहा है।
तेज बारिश के कारण हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
दूसरी ओर, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह 9 बजे गंगा का जलस्तर 292.75 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी निशान **293 मीटर से293 मीटर से मात्र 25 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा का खतरे का निशान 294 मीटर निर्धारित है।
जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया, *“श“शहर के जलभराव वाले स्थानों पर निगम कर्मचारियों की तैनाती की गई है। लगातार पंप लगाकर जल निकासी कराई जा रही है।”
बताया जा रहा है कि पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इसी वजह से हरिद्वार पहुंचने वाले पानी की मात्रा बढ़ी है और भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी भी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया, *“बा“बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं और लोगों से गंगा किनारे न जाने की अपील की गई है।”
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, *““संबंधित अधिकारियों को गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग तथा पुलिस प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।”
उधर, कांवड़ मेले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार हाईवे, कांवड़ पटरी और गंगा घाटों पर तैनात हैं। नगर निगम द्वारा जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार पानी निकाला जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच हरिद्वार में प्रशासन की चुनौती दोहरी हो गई है—एक ओर कांवड़ मेले की व्यवस्थाएं बनाए रखना और दूसरी ओर गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा जलभराव की स्थिति पर नियंत्रण रखना। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन लगातार सतर्कता बनाए हुए है।







