उत्तरकाशी: यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन और यात्रा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार रात से जारी तेज बारिश के कारण **यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पत्थयमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
हाईवे बंद होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालु और स्थानीय लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे रहे। निर्माण एजेंसी की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कार्य में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही है।
सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी बने सबसे संवेदनशील
प्रशासन के अनुसार, **सिलाईसिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। इन स्थानों पर पहाड़ियों से रुक-रुक कर चट्टानी मलबा और बड़े पत्थर गिर रहे हैं, जिससे हाईवे को सुरक्षित रूप से खोलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं के वाहन लंबी कतारों में खड़े रहे, जबकि कई यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
स्यानाचट्टी में बढ़ा यमुना का जलस्तर
उधर, स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। नदी के उफान के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से कई होटल और भवनों की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ है।
इस स्थिति से होटल व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो गया है और स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नदी किनारे रहने वाले परिवार लगातार भय के साये में जीवन यापन कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी **राजेश रावत और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं से क्षेत्र में हालात सामान्य होने के बजाय और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं को भारी परेशानी
यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है, जबकि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने लोगों से **अनावश्यक अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की अपील की है।
मशीनें मलबा हटाने में जुटीं
निर्माण एजेंसी की टीम जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास में जुटी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और पहाड़ियों से गिर रहे मलबे के कारण हाईवे बहाल होने में समय लग सकता है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तरकाशी समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा मौसम और प्रशासनिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।







