हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी के पीलीकोठी चौराहे के पास दो गुटों के बीच हुए विवाद और सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बनने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस ने 20 लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, मुखानी थाना क्षेत्र में 6 और 7 अगस्त की दरम्यानी रात दो गुटों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर सड़क पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। सूचना मिलते ही मुखानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण और मुखानी थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील जोशी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर घटना में शामिल 20 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने सभी के खिलाफ थाना मुखानी में धारा 172(2) बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की। इसके अलावा पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत सभी 20 लोगों का चालान करते हुए कुल 10 हजार रुपये का संयोजन शुल्क भी वसूला गया।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया, “मुखानी थाना क्षेत्र में हुए मामले में 20 आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई है। पूरे मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।”
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट या चोट पहुंचाने की घटना सामने नहीं आई है। फुटेज में केवल भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। साथ ही दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को कोई लिखित तहरीर भी नहीं दी गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि मारपीट या कोई अन्य दंडनीय तथ्य सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी प्रकार की हुड़दंग की स्थिति पैदा न करने की अपील की है। साथ ही क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







