हरिद्वार: कांवड़ मेले के अंतिम चरण में धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय हो उठी है। शहर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक हर ओर भगवा रंग दिखाई दे रहा है। हरकी पैड़ी, गंगा घाटों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। डाक कांवड़ के चलते हाईवे पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, कांवड़ मेला अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। अब तक 3 करोड़ 20 लाख से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं। बड़ी संख्या में डाक कांवड़िए अभी भी हरिद्वार में मौजूद हैं। रविवार सुबह हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। कोई गंगाजल भरकर लौट रहा था तो कोई पहली बार हरिद्वार पहुंचकर पूजा-अर्चना में जुटा था।
पार्किंग स्थलों पर बढ़ा वाहनों का दबाव
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर शहर की पार्किंग व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बैरागी कैंप पार्किंग में बड़े डाक कांवड़ वाहनों की भारी भीड़ है, जबकि दीनदयाल, रोड़ीबेलवाला, पंतद्वीप, गौरीशंकर और गड्ढा पार्किंग में छोटे वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। प्रशासन लगातार पार्किंग स्थलों से वाहनों की निकासी कर रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
डीजे, सजी कांवड़ और शिवभक्ति से गूंजा हाईवे
डाक कांवड़ के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों से आए शिवभक्त अपने वाहनों को आकर्षक ढंग से सजाकर हरिद्वार पहुंचे हैं। कहीं भोलेनाथ की विशाल प्रतिमाएं लगी हैं तो कहीं डीजे पर भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। पूरा माहौल शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है।
आज से डाक कांवड़ वाहनों की रवानगी का सिलसिला तेज हो गया है और प्रशासन का अनुमान है कि 10 अगस्त की रात तक डाक कांवड़ वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। इसके चलते अगले दो दिनों तक हरिद्वार में भारी भीड़ और हाईवे पर दबाव बने रहने की संभावना है।
इस बार पांच करोड़ तक पहुंच सकता है आंकड़ा
पिछले वर्ष करीब चार करोड़ श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार यह संख्या पांच करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा, पार्किंग, यातायात और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं की हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने रातभर विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने घाटों, पार्किंग स्थलों और हाईवे पर तैनात पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
टिहरी में भी एसएसपी श्वेता चौबे खुद उतरीं सड़क पर
उधर, टिहरी गढ़वाल में भी कांवड़ मेले के दौरान बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसएसपी श्वेता चौबे खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करती नजर आईं।
उन्होंने मुनिकीरेती, ब्रह्मानंद मोड़, खारा स्रोत, भद्रकाली, तपोवन और गरुड़चट्टी सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। जाम वाले स्थानों पर पहुंचकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को तत्काल यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए।
टिहरी पुलिस के अनुसार, ढालवाला, भद्रकाली, ब्रह्मानंद मोड़, तपोवन और नीलकंठ मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
कांवड़ मेला-2026 अपने अंतिम और सबसे व्यस्त दौर में पहुंच चुका है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारू यातायात और भीड़ प्रबंधन की है। फिलहाल हरिद्वार और टिहरी दोनों जिलों में पुलिस और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्था संभाले हुए हैं।







