पौड़ी: भाई का रिश्ता विपत्ति में ढाल और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है। मुश्किल समय में यही रिश्ता सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है। कांवड़ यात्रा के दौरान देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट पर ऐसा ही एक हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं।
बताया जा रहा है कि बीते दिन टोंडेश्वर घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गया। आंखों के सामने छोटे भाई को गंगा की लहरों में समाता देख बड़े भाई की चीख-पुकार से पूरा घाट दहल उठा।
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में बड़ा भाई लोगों से अपने छोटे भाई को बचाने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। वह रोते-बिलखते हुए कहता सुनाई दे रहा है, **“कोई“कोई 5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…” उसकी आवाज में बेबसी, डर और अपने भाई को बचाने की तड़प साफ सुनाई देती है। लेकिन कुछ ही पलों में उसकी गुहार चित्कार में बदल गई।
यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिसने भी इसे देखा, वह भावुक हुए बिना नहीं रह सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक तेज और विकराल धारा की चपेट में आ गया और देखते ही देखते बहने लगा। किनारे खड़ा उसका बड़ा भाई घबरा गया और लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा। कई लोगों ने प्रयास भी किए, लेकिन बरसात के बीच उफनती गंगा की तेज धार के आगे सभी कोशिशें बेबस साबित हुईं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। बहने वाले युवक की पहचान **आर्यन मिश्रा (24 वर्ष),आर्यन मिश्रा (24 वर्ष), पुत्र सतेंद्र मिश्रा, निवासी फरीदाबाद, हरियाणा के रूप में हुई है।
सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र भंडारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर भेजा गया और युवक की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया है।
हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के चलते गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं देवप्रयाग में इन दिनों गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।
यह हादसा एक बार फिर तेज बहाव वाली नदियों के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी बनकर सामने आया है। बरसात के मौसम में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
प्रशासन और पुलिस लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि वे बैरिकेडिंग के बाहर न जाएं और तेज बहाव वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें। टोंडेश्वर घाट देवप्रयाग में अलकनंदा नदी के पास स्थित है और बारिश के दिनों में यहां जलधारा अत्यंत तेज हो जाती है।
एक भाई की बेबस पुकार और गंगा की गर्जना के बीच घटा यह हादसा पूरे क्षेत्र को झकझोर गया है। अब हर किसी की निगाहें एसडीआरएफ के तलाश अभियान पर टिकी हैं।







