टिहरी: चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में हुए भीषण हादसे ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीन श्रमिक अब भी लापता हैं। मृतकों में दो लोग उत्तराखंड के निवासी बताए गए हैं, जिनमें एक टिहरी जिले के 31 वर्षीय प्रदीप पंवार भी शामिल हैं। प्रदीप की इसी वर्ष अप्रैल 2026 में शादी हुई थी और शादी के कुछ ही महीनों बाद इस दर्दनाक हादसे में उनकी जान चली गई।
प्रदीप पंवार टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के गंवाल गांव के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ महीने पहले शादी की खुशियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
परिजनों के अनुसार शादी के बाद परिवार प्रदीप के साथ भविष्य के सुनहरे सपने देख रहा था, लेकिन चमोली के पीपलकोटी में हुए हादसे ने सब कुछ छीन लिया। परिवार में उनके पिता, बड़ा भाई, भाभी, पत्नी और छोटा भाई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही उनकी माता का भी निधन हो गया था। ऐसे में परिवार पहले से ही गहरे दुख से गुजर रहा था और अब जवान बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।
प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह नेगी ने प्रदीप पंवार की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चमोली में हुई यह घटना अत्यंत दुखद है और सरकार तथा प्रशासन की ओर से परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।
गौरतलब है कि 13 अगस्त की शाम चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में ब्लास्ट के बाद पानी और मलबा तेजी से टनल के भीतर घुस गया था। हादसे के समय टनल में 22 लोग मौजूद थे। इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। शेष 12 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रदीप पंवार की मौत ने टिहरी ही नहीं, पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले जिस युवक की नई जिंदगी शुरू हुई थी, उसकी इतनी दर्दनाक मौत ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया है।







