देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में इस समय बदलाव की बयार दिखाई दे रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका लाभ मिल सकता है। साथ ही उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी तंज कसते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब महेंद्र भट्ट उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाया करते थे।
कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी का दावा
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान हरक सिंह रावत ने कहा कि वह वर्षों से उत्तराखंड की राजनीति को करीब से देखते और समझते आए हैं। ऐसे में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर उनका आकलन गलत नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब 34 प्रतिशत के आसपास पहुंच सकता है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि पिछले चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर रहा है, लेकिन अब यह अंतर कम होता दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यदि भाजपा के वोट प्रतिशत में साढ़े तीन से साढ़े चार प्रतिशत तक की कमी आती है और उसका सीधा लाभ कांग्रेस को मिलता है, तो कांग्रेस भाजपा से आगे निकल सकती है।
2017 और 2022 चुनावों का किया जिक्र
हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में कई चुनाव ऐसे रहे हैं, जहां कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत में बहुत कम अंतर रहा है। हालांकि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में दोनों दलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला था, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल कांग्रेस के पक्ष में बदलता हुआ नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर जो प्रतिक्रिया मिल रही है, उससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
महेंद्र भट्ट पर साधा निशाना
इस दौरान हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट अभी भी “ख्वाब में जी रहे हैं”। रावत ने अपने पुराने राजनीतिक दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह वर्ष 1997 में मंत्री थे, तब महेंद्र भट्ट उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाया करते थे।
उन्होंने छात्र राजनीति के दिनों का भी जिक्र किया और कहा कि जब वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में महामंत्री थे, तब कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ता उनके विरोध में नारे लगाते थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और समर्थन दोनों राजनीति का हिस्सा हैं।
युवाओं के विरोध को बताया लोकतंत्र की ताकत
हरक सिंह रावत ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए नारों से उन्हें कभी बुरा नहीं लगा। बल्कि ऐसे घटनाक्रम उन्हें राजनीति के पुराने दिनों की याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और राजनीतिक अभिव्यक्ति स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है।
पहाड़ के जिलों में महसूस हो रहा बदलाव
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी समेत कई जिलों में लोगों के बीच जाकर उन्हें जमीनी स्तर पर बदलाव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के रुझान में परिवर्तन दिखाई दे रहा है और कांग्रेस के प्रति समर्थन बढ़ रहा है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि अभी चुनाव में समय है और अगले तीन से चार महीनों में राजनीतिक परिस्थितियां और भी बदल सकती हैं। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान हालात कांग्रेस के लिए सकारात्मक हैं और आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
चुनावी माहौल पर बढ़ी सियासी चर्चा
हरक सिंह रावत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस के वोट प्रतिशत बढ़ने और भाजपा के समर्थन में कमी आने संबंधी उनके दावे ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में उत्तराखंड की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।







