देहरादून: समग्र शिक्षा उत्तराखंड के अंतर्गत आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत बीआरपी (Block Resource Person) और सीआरपी (Cluster Resource Person) कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अब आवाज़ बुलंद होने लगी है। कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और कार्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर युवा नेता यश प्रताप सिंह बिष्ट ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बीआरपी और सीआरपी कर्मचारियों की सेवा से संबंधित विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया गया है। इसमें कर्मचारियों के वेतन भुगतान, सेवा शर्तों, कार्य प्रणाली तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई है। साथ ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया गया है।
युवा नेता यश प्रताप सिंह बिष्ट ने कहा कि बीआरपी और सीआरपी कर्मचारी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से वे कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों और समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन, स्पष्ट सेवा शर्तें और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि इन मुद्दों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
वहीं, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले को गंभीरता से लेने का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित प्रकरण की जांच कराने और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मंत्री के आश्वासन के बाद बीआरपी और सीआरपी कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।







