मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर संवेदनशील पानी वाला बैंड क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। बीती देर रात से जारी मूसलाधार बारिश के बीच यहां पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आ गिरा। भूस्खलन के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पहाड़ी के ऊपर बने मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
घटना के बाद सामने आई तस्वीरें और वीडियो क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को साफ तौर पर बयां कर रहे हैं। जिस पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ है, उसके ऊपरी हिस्से में कई मकान बने हुए हैं। ऐसे में लगातार बारिश के कारण यदि पहाड़ी का कमजोर हिस्सा और खिसकता है तो बड़ा नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
भारी बारिश से बढ़ी लोगों की चिंता
पानी वाला बैंड क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यहां कई बार सड़क धंसने और पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में भी भूस्खलन के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था और सड़क के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा था।
अब एक बार फिर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ से लगातार पानी और मलबा नीचे आता रहता है, जिससे सड़क और आसपास के भवनों को हमेशा खतरा बना रहता है।
2025 की आपदा की याद हुई ताजा
पानी वाले बैंड की मौजूदा स्थिति ने लोगों को सितंबर 2025 में आई उस भीषण आपदा की याद दिला दी है, जब लगातार बारिश और भूस्खलन ने पूरे इलाके को बुरी तरह प्रभावित किया था। उस दौरान सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा था और लंबे समय तक यातायात बाधित रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यह क्षेत्र नई चुनौती बनकर सामने आता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग केवल अस्थायी राहत कार्यों के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश करते हैं।
मकानों और सड़क की सुरक्षा पर उठे सवाल
भूस्खलन के बाद सबसे बड़ा सवाल पहाड़ी के ऊपर बने मकानों और नीचे से गुजरने वाले मसूरी-देहरादून मार्ग की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो गया है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है और पहाड़ी का अन्य हिस्सा भी दरकता है तो सड़क पर आवाजाही कर रहे लोगों और आसपास रहने वाले परिवारों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र का तत्काल भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने, सुरक्षा कार्यों को तेज करने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में पानी वाला बैंड लगातार खतरे की घंटी बजा रहा है और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के बीच लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जबकि सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।







