देहरादून: उत्तराखंड में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश को धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर बांटने वाली पार्टी को एकता और सौहार्द का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
“उत्तराखंड की धरती पर विभाजनकारी राजनीति स्वीकार नहीं”
प्रेस को जारी बयान में गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसी पवित्र भूमि पर आकर इस प्रकार की विभाजनकारी बयानबाजी भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व यह भूल गया है कि राहुल गांधी ने नफरत की राजनीति के खिलाफ देशभर में लंबी पदयात्राएं निकालकर भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया है।
गोदियाल ने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर और मणिपुर से मुंबई तक राहुल गांधी की यात्राओं का उद्देश्य देश को जोड़ना था, जबकि भाजपा लगातार समाज को बांटने की राजनीति कर रही है।
जातीय जनगणना की मांग पर भाजपा को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब राहुल गांधी पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जातीय जनगणना की मांग करते हैं, तो भाजपा को उसमें भी देश का बंटवारा नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुवीकरण और विभाजन की राजनीति भाजपा के राजनीतिक चरित्र का हिस्सा बन चुकी है।
गोदियाल ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का उत्तराखंड दौरा राज्य और केंद्र सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास है।
डबल इंजन सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने इस दौरान राज्य सरकार को भी निशाने पर लिया। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने महिला सुरक्षा, अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा नेतृत्व कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाने में व्यस्त है।
उनका कहना था कि जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा राजनीतिक बयानबाजी का सहारा ले रही है।
कथित शुद्धिकरण विवाद से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक बड़ी जनसभा आयोजित हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के तीन दिन बाद उसी मैदान और मंच पर धार्मिक अनुष्ठान कर कथित रूप से “शुद्धिकरण” किया गया।
कांग्रेस ने इस घटना को दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि दलित नेता की मौजूदगी वाले मंच का शुद्धिकरण कर सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने की कोशिश की गई। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
इस विवाद पर भाजपा नेताओं के कुछ बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्मा गया है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक सम्मान और दलित अस्मिता का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा आरोपों को राजनीतिक रंग देने की बात कह रही है।
फिलहाल कथित शुद्धिकरण विवाद और राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयानों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।







