देहरादून: उत्तराखंड में बदलते मौसम के साथ सीजनल बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वाइन फ्लू (H1N1), डेंगू और कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रही है। पिछले 24 घंटों में स्वाइन फ्लू के 25 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें 11 मरीज देहरादून जिले और 14 अन्य जिलों से हैं। इसके साथ ही प्रदेश में स्वाइन फ्लू संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 408 पहुंच गई है।
408 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 408 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 324 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 82 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। स्वाइन फ्लू के कारण अब तक दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के 66 बच्चे स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 61 से 70 वर्ष आयु वर्ग के 70 मरीज और 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 67 मरीज संक्रमण की चपेट में आए हैं।
महिलाओं से ज्यादा पुरुष हो रहे संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक पाया जा रहा है। कुल 408 संक्रमितों में 224 पुरुष और 184 महिलाएं शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि पुरुषों में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत अधिक है।
डेंगू और कोरोना के मामले भी बढ़े
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोरोना और डेंगू के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कोरोना जांच के लिए अब तक 531 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 46 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 20 मरीज देहरादून और 26 अन्य जिलों के हैं।
वहीं डेंगू की जांच के लिए 27,839 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें 150 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 75 मरीज देहरादून और 75 अन्य जिलों के हैं। राहत की बात यह है कि 128 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 22 मरीजों का इलाज जारी है।
1017 सैंपलों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक 1017 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें 269 मरीज देहरादून और 139 अन्य जिलों में पॉजिटिव पाए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू के मरीजों में आमतौर पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं—
- तेज बुखार और ठंड लगना
- लगातार खांसी
- गले में दर्द और खराश
- सिरदर्द और शरीर में दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- नाक बहना या बंद होना
- सांस लेने में परेशानी
- बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के चिकित्सा प्रभारियों को सतर्क रहने और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू और कोरोना जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, खांसी-छींक के दौरान सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है।
लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर जांच कराने की सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।







